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फेल हो गई मेयर की जोर आजमाइश, टैक्स अनुभाग साबित हुआ फिसड्डी

Tue, 27 Feb 2018 07:20 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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Umesh Gautam
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सत्ता परिवर्तन के बाद मेयर उमेश गौतम ने बड़े जोर-शोर से बकाया टैक्स वसूली के लिए अभियान छेड़ा ताकि नगर निगम की आय बढ़ सके। मगर निगम के टैक्स अनुभाग के कारिंदों की कार्यशैली ने उनकी योजना धराशायी कर दी। बड़े बकाएदारों से वसूली में तो नाकामी हाथ लगी ही, छोटे बकाएदारों से भी वसूली नहीं कर सके। अब तक सिर्फ 19.5 करोड़ रुपये के टैक्स की ही वसूली हो सकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का आधा भी नहीं है।
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नगर निगम क्षेत्र में एक लाख 43 हजार 918 हाउसहोल्ड पंजीकृत हैं। इनके सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए नगर निगम ने 44 करोड़ रुपये टैक्स वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया था। दिसंबर माह में मेयर बने उमेश गौतम ने कहा कि नगर निगम अपने संसाधनों से ही आय बढ़ाएगा और टैक्स वसूली पर फोकस किया। इसे लेकर कवायद भी शुरू हुई लेकिन टैक्स अनुभाग की निष्क्रियता के चलते दावे पूरे नहीं हो सके। जनवरी तक 19.55 करोड़ रुपये ही टैक्स की वसूली हो सकी है। यह वसूली लगभग 20 हजार हाउसहोल्ड से की गई है। करीब सवा लाख लोगों से नगर निगम टैक्स नहीं वसूल सका।
पिछले साल से भी आधी रही वसूली
वित्तीय वर्ष 2016-17 में नगर निगम ने 42 करोड़ रुपये टैक्स वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया था और इसके सापेक्ष 38 करोड़ रुपये की वसूली की थी। चालू वित्तीय वर्ष के लिए यह लक्ष्य 44 करोड़ रुपये था लेकिन अब तक सिर्फ 19.55 करोड़ वसूले गए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग आधे हैं और वित्तीय वर्ष की समाप्ति में सिर्फ महीना भर ही बाकी बचा है।
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दस लाख से ज्यादा वाले 50 बकाएदार
शहर में सौ के करीब बड़े बकाएदारों पर नगर निगम का 67 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। इनमें से 50 तो ऐसे हैं, जिन पर दस लाख रुपये से अधिक बकाया है। इनसे वसूली के लिए मेयर ने उनके दरवाजे पर ढोल बजवाने की योजना बनाई थी। बड़े-बड़े कारोबारियों के यहां पैमाइश कराई गई, मीटिंग भी की गई और उनके दरवाजे पर ढाले बजाकर बदनामी की चेतावनी भी दी गई लेकिन सारे प्रयास नाकाफी साबित हुए।  सिर्फ कुछ कारोबारियों ने डेढ़-दो करोड़ रुपये ही जमा किए हैं। इसके अलावा करीब 15 बकाएदारों के मामले हाईकोर्ट में चल रहे हैं, जिनमें से कुछ पर एक करोड़ से ज्यादा रुपये तक बकाया हैं।
ऑनलाइन का काम भी अभी पूरा नहीं
नगर निगम के टैक्स जमा करने को लेकर अब एनआईसी की वेबसाइट से लिंक करने का काम किया जा रहा है, मगर यह अब तक पूरा नहीं हो सका है। हाउसहोल्ड का सर्वे पूरा हो गया है लेकिन टैक्स अनुभाग की लापरवाही के चलते अभी फीडिंग का काम पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा पुराने डाटा की फीडिंग भी अब तक पूरी नहीं हो सकी है।

टैक्स वसूली को लेकर लगातार प्रयास जारी है। टीमें फील्ड में भागदौड़ कर लोगों से टैक्स जमा करा रही हैं। जिन लोगों की शिकायतें हैं, उनकी दोबारा पैमाइश भी कराई जा रही है। - उमेश गौतम, मेयर
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