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'खेत में दबा है खजाना': मौलवी ने जिन्न बुलाने का ड्रामा कर खेला 'मौत' का खेल, सच मान बैठा किसान, फिर हुआ ये

Thu, 30 Jan 2025 12:03 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

Bareilly News: बरेली में मौलवी और उसके शातिर साथियों ने खजाने के नाम पर ऐसा खेल खेला, जिसमें एक किसान फंस गया। उससे लाखों रुपये ठग लिए। शातिरों का सच सामने आया तो किसान हैरान रह गया। उसने रिपोर्ट दर्ज कराई है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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बरेली में मौलवी और उसके शातिर साथियों ने आसमान से जिन्न बुलाने और खेत में दबा सोना निकालने का झांसा देकर ड्रामा करते हुए लाखों रुपये की ठगी कर ली। इस दौरान मौलवी ने खुद पर गोली चलवाकर मरने का नाटक भी किया। बारादरी थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

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बदायूं के वजीरगंज थाने के गांव बरौर निवासी मोहनलाल ने बारादरी पुलिस को बताया कि बरेली आने पर सेटेलाइट के पास उनकी मुलाकात भूरा खां से हुई थी। भूरा ने टोना-टोटका होने की बात कहकर उन्हें झांसे में ले लिया। भूरा एक मौलवी व उसके तीन साथियों को लेकर मोहनलाल के घर पहुंचा। वहां रात के समय यह लोग मोहनलाल को उनके खेत में ले गए। 

खेत में दबा है सिक्कों से भरा घड़ा 
मौलवी ने जिन्न बुलाने का नाटक किया। मोहनलाल के मुताबिक वह जिन्न उनके अलावा मौलवी व उसके साथियों को भी दिखाई दे रहा था। बातचीत के आधार पर मौलवी ने उन्हें बताया कि खेत में सोने के सिक्कों से भरा घड़ा दबा हुआ है। खजाना निकालने के लिए दो लाख रुपये का इंतजाम करना होगा। 
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मोहनलाल दो लाख रुपये लेकर सेटेलाइट स्टैंड पर पहुंचे तो वहां से पांचों लोग रुपये लेकर चले गए। भूरा ने उनसे कहा कि मौलवी एक विशेष भस्म खाते हैं, इसे खाकर ही खजाना खोजा जाएगा। इसके बाद 1,18,000 रुपये और ले लिए। 

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि मोहनलाल की तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज की गई है। बारादरी थाना प्रभारी को आरोपियों की गिरफ्तारी कर खुलासा करने का निर्देश दिया है। संदिग्धों की धरपकड़ की जा रही है। 

हत्या का डर दिखाकर की ठगी
मोहनलाल के मुताबिक सात जनवरी की रात यह लोग फिर उनके खेत में गए और जिन्न से बातें करने लगे। एक पीतल का घड़ा निकालकर उन्हें देते हुए कहा कि यही खजाना है। मौलवी ने घड़ा छुपाकर रखने के लिए कहा और 1,59,000 रुपये भस्म के लिए लेकर चले गए। 25 जनवरी को यह लोग दोबारा आए और घड़ा रखकर तंत्र विद्या करने लगे।

उसी समय एक व्यक्ति आया और मौलवी को गोली मारकर भाग गया। मौलवी वहीं लेट गया, उसके सीने से खून जैसा पदार्थ निकल रहा था। मोहनलाल यह दृश्य देखकर घबरा गए और वहां से भाग गए। अगली सुबह उनके पास कॉल आई की मौलवी की मौत हो गई है। पोस्टमॉर्टम होने व मोहनलाल पर रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी गई। मोहनलाल ने काफी मिन्नतें कीं तो छह लाख रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा। 
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मोहनलाल को परेशान देखकर उनके भतीजे ने अकेले में उनसे पूछा तो उन्होंने जानकारी दी। इसके बाद मोहनलाल ने आपबीती सुना दी। मोहनलाल के भतीजे को समझ आया कि किसी की हत्या नहीं हुई है बल्कि ठगी करने के लिए मौलवी ने ही नाटक रचा है। वह मोहनलाल को लेकर बारादरी थाने आए और ठगों पर रिपोर्ट दर्ज करा दी। 
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