उन्होंने कहा कि मानस में प्रधानमंत्री और हर हिंदू की आस्था है और होनी भी चाहिए। तुलसीदास जी ने कहां लिखा है कि मुसलमान को मारो-काटो, लेकिन ऐसा होता है। उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है।
बोले - सब का है देश, कभी नहीं बन सकता हिंदू राष्ट्र
श्री बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र बनाने के बयान पर उन्होंने कहा कि यह आरएसएस एक जमाने से करती आ रही है। अलग मुहिम चलाने से बेहतर होगा कि धीरेंद्र शास्त्री संघ में ही शामिल हो जाएं। आरएसएस ने जिन्ना के जरिये देश का बंटवारा कराया और हिंदू राष्ट्र बनाने का प्रयास किया। फिर बंटवारे का इल्जाम मुसलमानों पर रख दिया गया। सच यह है कि जिन्ना नाम मात्र के मुसलमान थे। वह हिंदू गुजराती परिवार से संबंध रखते थे।
उन्होंने कहा कि दूसरी कोशिश महात्मा गांधी की हत्या करा कर देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश की गई। गांधी जी की हत्या का आरोप मुसलमानों लगाने की कोशिश की गई। इसी बहाने से मुसलमानों के नरसंहार की साजिश रची गई। हालांकि यह कोशिश नाकाम हो गई। मौलाना ने कहा कि एक भी मुसलमान ऐसा नहीं जिसने देश को नुकसान पहुंचाने का काम किया हो।