'इस्लाम में सब बराबर, कोई अछूत नही'
पसमांदा मुस्लिम समाज पर मौलाना ने कहा कि मुसलमानों में कोई अगड़ा-पिछड़ा नहीं, सब बराबर होते हैं। पेशे की बुनियाद पर पहचानी जाने वाली किसी भी बिरादरी का व्यक्ति इमाम हो सकता है। आपस में एक-दूसरे के साथ एक ही दस्तरख्वान पर खाना-पीना होता है।
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यही इस्लाम की खूबी है कि किसी बिरादरी का व्यक्ति इमाम बन सकता है। पसमांदा के नाम पर भाजपा मुसलमानों में बंटवारा चाहती है। मौलाना ने कहा के आज भी देश में महामहिम पद पर आसीन लोगों को मंदिरों में गर्भ गृह तक प्रवेश नही मिलता है। बेहतर होगा कि इस सब में सुधार करें।