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बरेली बवाल: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौलाना तौकीर की हुई पेशी, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

Tue, 14 Oct 2025 02:48 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

फतेहगढ़ जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा की वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिग के जरिए मंगलवार को बरेली कोर्ट में पेशी हुई। पुलिस ने तौकीर रजा को बरेली बवाल का मुख्य आरोपी बताया है। कोर्ट ने उसकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। 
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बरेली बवाल प्रकरण: मौलाना तौकीर रजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में हुए बवाल के मामले में फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा की मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सीजेएम अलका पांडेय समेत अन्य कोर्ट में पेशी कराई गई। 11 मामलों में मौलाना की रिमांड मंजूर हो गई है। कोर्ट ने मौलाना तौकीर की 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। अब 28 अक्तूबर को अगली सुनवाई होगी।

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शहर में 26 सितंबर को आई लव मोहम्मद के समर्थन में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर भीड़ जुटी थी। मौलाना के नदारद रहने से भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस का दावा है कि भीड़ ने दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। आंसू गैस के गोले दागे गए थे।

10 मुकदमों में मौलाना तौकीर का नाम 
पुलिस के मुताबिक बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। बवाल के दिन ही शहर के अलग-अलग थानों में पुलिस ने 10 मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें से कोतवाली में दर्ज मुख्य मुकदमे में कोतवाल अमित पांडेय वादी बने थे। मौलाना तौकीर को मुख्य आरोपी बनाकर बवाल व पुलिस पर हमले की धाराएं लगाई थीं। नौ अन्य मुकदमों में अन्य आरोपियों को नामजद किया गया था। चूंकि सभी मामलों में विवाद की वजह मौलाना तौकीर की अपील थी, इसलिए अन्य नौ मुकदमों में तौकीर रजा को साजिश का आरोपी मानकर नाम बढ़ा दिया गया। 

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वर्ष 2019 में एनआरसी के विरोध में किए गए बवाल को लेकर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में भी इस बवाल के बाद मौलाना का नाम बतौर साजिशकर्ता बढ़ा दिया गया। ऐसे में मूल मुकदमे के अलावा दस और मुकदमों में पुलिस ने मौलाना को आरोपी बताकर न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने की कोर्ट से अपील की थी।

चार अदालतों में पेशी से बढ़ी 11 मुकदमों की रिमांड
मंगलवार को कोतवाली से संबंधित छह मुकदमों में सीजेएम अलका पांडेय के कोर्ट में मौलाना तौकीर की वर्चुअल तरीके से पेशी हुई। यहां सभी छह मामलों में मौलाना की न्यायिक अभिरक्षा रिमांड मंजूर हो गई है। इसके साथ ही बारादरी थाने में बवाल के दिन दर्ज दो मुकदमों में एसीजेएम प्रथम के कोर्ट में मौलाना तौकीर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई और कोर्ट ने रिमांड मंजूर कर लिया। 

यह भी पढ़ें- बरेली बवाल: मौलाना तौकीर रजा के दो और करीबियों के मकान होंगे सील, बीडीए ने बताया अवैध, नोटिस जारी

इसी तरह प्रेमनगर थाने के एक मामले में एसीजेएम पंचम के यहां व कैंट थाने के एक मुकदमे में जेएम द्वितीय के यहां पेशी के बाद रिमांड मंजूर कर लिया गया। इसके अलावा एक मामला किला थाने में दर्ज हुआ था। सभी मामलों में अगली पेशी 28 अक्तूबर को होना तय हुई है।

पेशी पर खुफिया अमला रहा अलर्ट
मौलाना तौकीर रजा की पेशी के मामले में मंगलवार को दोपहर बाद तक सरगर्मी बढ़ी रही। खुफिया अमला अलर्ट रहा। कोर्ट के बाहरी हिस्से व दरगाह परिसर के आसपास फोर्स की तैनाती बढ़ा दी। बवाल के बाद से ही मौलाना तौकीर रजा को फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में रखा है। मौलाना के तारीख पर बरेली लाए जाने की चर्चा थी, लेकिन त्योहार से पहले सुरक्षा बंदोबस्त बनाने में लगी पुलिस ने कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी कराने का अनुरोध किया।

फतेहगढ़ जेल प्रशासन ने भी फोर्स की कमी के बारे में जानकारी दी थी। वीसी के जरिये मौलाना की पेशी कराई गई। संबंधित कोर्ट में मौलाना के वकील भी मौजूद रहे। परिवार के लोग व करीबी भी कोर्ट के आसपास मौजूद रहे। खुफिया अमले से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने आंतरिक रूप से काफी व्यवस्था कर रखी थी। बिहारीपुर चौकी क्षेत्र में दरगाह के आसपास के मिश्रित आबादी वाली बस्ती में भी काफी फोर्स तैनात रहा। 
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सौ से ज्यादा गिरफ्तारी  कई निर्माण निशाने पर
बवाल के दिन दस मुकदमे दर्ज किए गए। एक मुकदमा उसके बाद फर्जी पत्र तैयार करने का लिखा गया। इन मुकदमों में तीन हजार से ज्यादा वांछित हैं। सौ से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें मौलाना के कई करीबी शामिल हैं। 

मौलाना के खिलाफ 1982 से लेकर अब तक करीब 17 मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन कायदे से गिरफ्तारी व कार्रवाई अब की है। पुलिस और प्रशासन ने मौलाना के करीबियों की अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई शुरू की थी। कई भवन व प्रतिष्ठान सील किए हैं तो कुछ में तोड़फोड़ की है।
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