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Gyanvapi Survey: बरेली उलमा बोले- एएसआई की सर्वे रिपोर्ट आखिरी नहीं, कोर्ट के फैसले का इंतजार करें

Sun, 28 Jan 2024 01:37 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि ज्ञानवापी पर एएसआई का सर्वे रिपोर्ट अभी आखिरी नहीं है। और न ही हम आंख बंद करके इस पर भरोसा कर सकते हैं।
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मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने ज्ञानवापी मामले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के दावे और मुतालबे को खारिज किया है। मौलाना ने कहा कि मुसलमान कानून का सम्मान करते हैं। गत वर्षों बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर साबित करके दिखा भी दिया है। ज्ञानवापी का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट अभी आई है, जिसपर कोर्ट ने अभी कोई निर्णय नहीं दिया है। ज्ञानवापी और दूसरे मामलात पर भी कोर्ट ने निर्णय नहीं दिया है। इसलिए कोर्ट का फैसला आने से पहले विश्व हिंदू परिषद का ये मुतालबा (मांग) कि ज्ञानवापी को मुसलमान हिंदुओं को सौंप दें, हम उनके मुतालबे को खारिज करते हैं।

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मौलाना ने कहा कि एएसआई का सर्वे रिपोर्ट अभी आखिरी नहीं है और न ही हम आंख बंद करके इस पर भरोसा कर सकते हैं। बाबरी मस्जिद मुद्दे पर 2003 में एएसआई ने सर्वे किया था। 575 पेज की रिपोर्ट में कहा गया था कि मस्जिद के नीचे मंदिर है, जब ये रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट पहुंची तो सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया और अपने फैसले में मस्जिद के नीचे मंदिर होने से इनकार कर दिया था। इसलिए ज्ञानवापी के सर्वे पर हमें भरोसा नहीं है, हम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे।

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शहाबुद्दीन रजवी ने आगे कहा कि जो संगठन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जश्न मना रहे हैं और बयानबाजी कर रहे हैं ये एक तरह से कोर्ट की तौहीन है। मैं सभी हिंदू पक्षकारों से अपील करता हूं कि कोर्ट के फैसले का इंतजार करें और जो भी कोर्ट का फैसला आए, उसको दोनों पक्ष मानें। मगर सर्वे रिपोर्ट को लेकर उल जलूल बयान न दें। समाज को अंदर तोड़ने और नफरत फैलाने की कोशिश न करें।

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