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UP: मौलाना शहाबुद्दीन बोले- वक्फ संशोधन कानून से न डरें मुसलमान, मस्जिद-मदरसों को कोई खतरा नहीं

Wed, 09 Apr 2025 06:11 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून से मुसलमानों को डरने की जरुरत नहीं है और न ही कोई उग्र धरना प्रदर्शन करने की आवश्यकता है। उग्र प्रदर्शन से नुकसान ही होता है। 
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून से आम मुसलमानों का कोई नुकसान नहीं है बल्कि फायदा होगा। चंद राजनीतिक लोग मुसलमानों को गुमराह करने में लगे हैं कि मस्जिदें और मदरसे छीन लिए जाएंगे, जबकि इस कानून में ऐसा कुछ भी नहीं है। 

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मौलाना बरेलवी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वक्फ कानून से डरने की जरुरत नहीं है और न ही कोई उग्र धरना प्रदर्शन करने की आवश्यकता है। धरना प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, मगर राजनीतिक लोग मुसलमानों के जज्बात को भड़का कर अपने राजनीतिक लक्ष्य हासिल करते हैं। ऐसा ही सीएए के प्रकरण में हुआ था। उस वक्त राजनीतिक लोगों के बहकावे में मुसलमान सड़कों पर उतरे। जगह-जगह धरना प्रदर्शन किए और उसकी स्थिति उग्र हो गई। जिसमें सिर्फ उत्तर प्रदेश में 27 नौजवानों की जान गई। इसलिए सड़कों पर धरना प्रदर्शन की कोई जरूरत नहीं है। अगर कहीं जरूरत पेश आए तो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें।

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मुसलमानों के हितों के लिए है ये कानून 
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून गरीब व कमजोर मुसलमानों के हितों के लिए है। वक्फ जमीन से होने वाली आमदनी गरीब मुसलमानों की सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कानून से मस्जिदों, मदरसों, ईदगाहों, कब्रिस्तानों, दरगाहों को कोई खतरा नहीं है। इन धार्मिक स्थलों की स्थिति जैसी है वैसी ही रहेगी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को कुछ राजनीतिक लोग अपने स्वार्थों के लिए गुमराह कर रहे हैं, इसलिए बहकावे और उकसावे में न आएं।  

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