अंतरराष्ट्रीय मुद्दे
जमात ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल की आक्रामक और दमनकारी कार्रवाई की निंदा की। अरब देशों से भाईचारे के संबंध मजबूत करने और 'मुस्लिम नाटो' के गठन की अपील की गई। मुस्लिम दुनिया से मस्जिद-ए-अक्सा की रक्षा और 'ग्रेटर इस्राइल' के मंसूबे को नाकाम करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया। मुस्लिम समाज को शिक्षा, व्यापार और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई। शादियों में फजूलखर्ची और दहेज प्रथा खत्म करने पर जोर दिया गया। अभिभावकों से बच्चों को नशे, जुए और सूद के कारोबार से बचाने की निगरानी करने को कहा गया।
कई प्रदेशों के मौलाना हुए शामिल
मुस्लिम जमात ने राज्य सरकारों से शरीयत में हस्तक्षेप बंद करने का संदेश दिया। उन्होंने बुलडोजर की कार्रवाई रोकने और मुसलमानों में असुरक्षा की भावना दूर करने की मांग की। बैठक में बिहार, झारखंड, बंगाल, कर्नाटक, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से कई प्रमुख उलमा और दानिश्वर उपस्थित थे। इनमें फूल मुहम्मद, ताहिर हुसैन, अबुल कलाम और रिजवानुल हक जैसे गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। उत्तर प्रदेश से भी कई स्थानीय उलमा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।