'प्रधानमंत्री की मुखालफत न करें मुसलमान'
मौलाना ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा रमजान, ईद और पैगंबरे इस्लाम के जन्मदिन पर अपना पैगाम जारी करके मुसलमानों को मुबारकबाद देते आए हैं। अब ऐसी परिस्थिति में मुसलमानों को चाहिए कि प्रधानमंत्री की मुखालफत न करें और विरोध बंद कर दें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुस्लिम समुदाय से अपने आप को जोड़कर देखना चाहते हैं तो हम भी उनकी बात का सम्मान करते हुए उनके प्रति सकारात्मक रुख अपनाएं। हमेशा किसी व्यक्ति की एकतरफा मुखालफत से टकराव बढ़ता है और इससे समाज की तरक्की नहीं हो सकती। मौलाना ने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि अब टकराव के बजाय प्रधानमंत्री से दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाहिए।