यूसीसी लागू करने की जरूरत नहीं- मौलाना
मौलाना ने आगे कहा कि ये समस्या मुसलमानों के अलावा दूसरे संप्रदाय के सामने भी खड़ी होगी। इसलिए यूसीसी लागू किए जाने की जरूरत नहीं है। संविधान, आईपीसी, फौजदारी-जमींदारी और शादी विवाह से संबंध रखने वाले अलग-अलग संप्रदाय के कानून पहले से ही बने हुए हैं। देश की आजादी के बाद 75 वर्षों से इस पर अमल किया जा रहा है।
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मौलाना ने कहा कि लॉ कमीशन ऑफ इंडिया ने एक सर्कुलर जारी करके आम नागरिकों से सुझाव मांगे हैं, लॉ कमिशन ने अब तक कोई कोई प्रारूप पेश नहीं किया है उसे पढ़ा जाए और व्यक्ति किस बात पर हां करे और किस बात पर न करे। उन्होंने कहा कि लॉ कमीशन धूल में लठ चला रहा है।