फिल्म का किया विरोध
मौलाना ने फिल्म के बारे में बताया कि जो मुझे जानकारी प्राप्त हुई है उसके अनुसार फिल्म अजमेर 92 में दरगाह को लेकर गलत तरीके से पेश किया गया है। वहां जो शिक्षा दी जाती है, उसे गलत बताया गया है। हम इसका हम पुरजोर विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वक्त में समाज में फूट डालने और नफरत फैलाने के लिए फिल्मों और सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। किसी फिल्म निर्देशक को ख्वाजा साहब की दरगाह की तौहीन करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। एक खास धर्म के मानने वालों को निशाना बनाने के लिए फिल्मों का सहारा लिया जा रहा है। मौलाना ने सरकार से गुजारिश की है कि इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाया जाए।