उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों से देखा ये जा रहा है कि हर राजनीतिक पार्टी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर मुसलमानों को चुनाव में इस्तेमाल करती हैं। मुसलमान बगैर सोचे समझे धर्मनिरपेक्षता का झंडा और बैनर उठाकर प्रधानमंत्री मोदी की मुखालफत करने लगता है। मुसलमान अनजाने तौर पर राजनीतिक दलों का मोहरा बन जाता है, फिर ऐसा लगने लगता है कि सिर्फ मुसलमान ही मोदी के मुखालिफ हैं और बाकी सब मोदी के समर्थन में हैं।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मुखालफत से मुसलमानों को न कोई फायदा हासिल हुआ और न भविष्य में किसी फायदे की उम्मीद है बल्कि हिंदू और मुसलमानों के दरम्यान टकराव की स्थिति बन गई है, जिससे भारतीय समाज का बहुत नुकसान हो रहा है।