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UP: 'जुमे की नमाज पढ़कर अपने घर जाएं मुसलमान, किसी के बहकावे में न आएं', बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन की अपील

Thu, 02 Oct 2025 01:08 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में पिछले शुक्रवार को नमाज के बाद आई लव मोहम्मद के समर्थन में भीड़ जुटी थी। इसके बाद बवाल हो गया था। इसको देखते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मुसलमानों से अपील की है कि जुमे की नमाज पढ़कर सीधे अपने घरों को वापस हो जाएं। भीड़ का हिस्सा न बनें। 
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि पिछले जुमे के दिन जो घटना हुई वो बहुत अफसोसनाक है। कल फिर जुमे की नमाज अदा की जाएगी। मौलाना ने सभी मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि जुमे की नमाज पढ़कर सीधे अपने घरों को वापस हो जाएं। सड़कों और चौराहों पर भीड़ का हिस्सा न बनें। अगर कोई व्यक्ति धरना प्रदर्शन के लिए या इकट्ठा होने के लिए बुलाता है तो हरगिज ना जाएं। 

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मौलाना ने मस्जिद के इमामों से अपील करते हुए कहा कि कुछ मस्जिद के इमाम राजनीति का हिस्सा बन जाते हैं। मगर अब उनको बखूबी सोचना होगा। ऐसे राजनीतिक लोगों से अपना रिश्ता नाता खत्म करना होगा। इमामों से गुजारिश है कि बरेली के सियासी हालात को देखते हुए अपनी अपनी मस्जिदों में अमन व शांति बनाए रखने की अपील करें। नौजवानों को समझाएं कि किसी के बहकावे में न आएं। 


यह भी पढ़ें- Bareilly News: मौलाना तौसीफ रजा की अपील, धरना-प्रदर्शन न करें मुसलमान... जुमा पर रखें इसका ध्यान
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'पोस्टर-बैनर सिर्फ दिखावा'
शहाबुद्दीन रजवी ने आगे कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम से मोहब्बत करना हमारा ईमान व अकीदा है। मगर उनकी शिक्षा पर अमल करना बेहद जरूरी है, ये असल मोहब्बत का पैमाना है। पोस्टर-बैनर तो सिर्फ एक दिखावा है। इसको मोहब्बत नहीं कहा जा सकता। पैगंबर-ए-इस्लाम ने टकराव की नीति कभी भी नहीं अपनाई बल्कि अपने विरोधियों से हमेशा समझौता किया और बातचीत से मसले का हल किया। इस्लाम के इतिहास में दो समझौते बहुत मशहूर हैं। जो 'सुलह हुदैवीया' और 'मिसाके मदीना' के नाम से जाना जाता है। 

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