पांच साल पहले हुई थी शादी, मायका पक्ष ने किया कार्रवाई से इन्कार
बरेली। पुलिस भर्ती परीक्षा में नंबर कम आने से परेशान दीपा चौहान (25) ने बुधवार रात अपनी ससुराल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर बिसौली के गांव ढिलवारी से पहुंचे मायके वालों ने कोई भी कार्रवाई करने से मना कर दिया। इसके बाद वह बिना पोस्टमार्टम कराए शव को गांव ले गए और बृहस्पतिवार देर शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव ढिलवारी निवासी सुरजीत चौहान ने बताया कि उन्होंने करीब पांच साल पहले अपनी बहन दीपा चौहान की शादी बरेली में इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मोहल्ला आस्था सनसिटी के राहुल सिसौदिया के साथ की थी। दीपा का एक चार साल का बेटा दोषित है। राहुल निजी स्कूल में शिक्षक हैं। सुरजीत के अनुसार दीपा पढ़ने में होशियार थी। वह लगातार कॉम्प्टीशन की तैयारी कर रही थी। उसने 31 अगस्त को शाहजहांपुर में पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी थी। मंगलवार को उसकी आंसर की जारी हुई थी। उसमें दीपा के नंबर कम आए थे। इससे वह पुलिस में भर्ती होने से वंचित रह गई। दीपा ने पीसीएस प्री की भी परीक्षा दी थी। अभी कुछ दिन पहले उसका रिजल्ट जारी हुआ था। उसमें भी दीपा के नंबर कम आए थे। इससे वह काफी परेशान थी।
बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे राहुल स्कूल गए थे। इसी दौरान दीपा ने अंदर से कमरा बंद करके पंखे पर फंदे से लटक गई। कुछ देर बाद उसका चार वर्षीय बेटा दोषित सोकर उठा और उसने अपनी मां को फंदे से लटका देखा तो वह रोने लगा। उसके रोने की आवाज सुनकर नजदीक के कमरे में लेटी सास उठकर आ गईं। उन्हाेंने दरवाजा खुलवाने की काफी कोशिश की, लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने किरायेदारों को बुलाकर दरवाजा तुड़वाया। दीपा को फंदे से उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रात करीब 12 बजे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि पूछताछ में परिजनों से पता चला कि दीपा पुलिस भर्ती परीक्षा और पीसीएस प्री में नंबर कमर आने से तनाव में थी, इस कारण उसने आत्महत्या कर ली। संवाद