जानकारी पर संचालक ताला लगाकर फरार हो गए। परिजनों ने रीता का शव अस्पताल गेट पर रखकर हंगामा किया। रविवार को नन्हे लाल की तहरीर पर अस्पताल संचालक योगेश वर्मा, आरपी राठौर, हिमांशू वाजपेयी के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। वहीं पत्नी की मौत से नन्हे लाल टूट गए थे। रविवार की रात उनकी हालत बिगड़ गई तो उन्हें उपचार को ले जाया जा रहा था। रास्ते में उनकी मौत हो गई।
शिशु को पहुंचाया निजी अस्पताल
नन्हे लाल की शादी ढाई साल पहले पीलीभीत के गांव मेदना निवासी रीता देवी से हुई थी। पहली संतान के रूप में बेटे ने जन्म लिया। निजी अस्पताल संचालकों ने उसकी पत्नी की जिंदगी ले ली। जन्मे पुत्र को शनिवार रात नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दंपती की मौत से नवजात हो गया है। नन्हे लाल के परिजन व रिश्तेदार उनकी बुजुर्ग मां को किसी तरह संभाल रहे हैं। उनकी तबियत भी बिगड़ गई है।