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एसडीएम और अर्दली को कुचलने की कोशिश करने वाला माफिया का गुर्गा गिरफ्तार

सार

अफसर पर हमला हुआ तो रात में दौड़ी पुलिस
 
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आरोपी रामौतार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विस्तार
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बरेली। आम आदमी की शिकायतों पर गौर न देने वाली पुलिस अफसरों से जुड़े मामलों में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है यह बात इज्जतनगर थाना क्षेत्र की घटना से साबित हो गई। एसडीएम व अर्दली को बालू भरे ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश के मामले में आरोपी ट्रैक्टर ड्राइवर को पुलिस ने तत्परता से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तो वाहन भी सीज कर दिया। पुलिस की तत्परता भरी कार्रवाई से बैरियर वन क्षेत्र के लोग भी हैरत में हैं जो लंबे समय से हाईवे से मिट्टी भरी ट्रॉलियां निकलने की शिकायतें कर रहे थे।
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मंगलवार को रजपुरा माफी में मिट्टी से लदी ट्रॉली रोकने पर एसडीएम सदर विशु राजा और उनके अर्दली मनोज कुमार को कुचलने को कोशिश की गई थी। तब एसडीएम व राजस्व टीम ने भागकर जान बचाई। अधिकारी पर हमला होने के बाद इज्जतनगर पुलिस ने आननफानन ट्रैक्टर ट्राली को सीज कर दिया। ट्रैक्टर चला रहे माफिया के गुर्गे रामौतार को रात में ही पकड़ लिया गया। देर रात उसकी गिरफ्तारी दिखाकर बुधवार को उसका चालान कर जेल भेज दिया गया। वह खुद को बेगुनाह बता रहा था। पुलिस ने अफसर के मामले में जो तेजी दिखाई, उससे लोग हैरत में हैं।
बता दें कि सप्ताह भर पहले ही इसी क्षेत्र की बैरियर वन पुलिस चौकी के प्रभारी कपिल कुमार ने पार्षद महेश राजपूत के घर जाकर उनकी पिटाई कर दी थी। मामले में दरोगा को निलंबित कर बाद पीलीभीत तबादला कर दिया गया। महेश ने उनकी शिकायत कर दी थी कि चौकी के सामने से मिट्टी भरी ट्रालियां दिन भर निकलती हैं। इसी शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाने वह महेश के घर गए थे और हरकतों से बात बढ़ा बैठे थे।

खनन अफसर मार रहे मौज, वाहन सीज कर भूल जाती है पुलिस

विभाग के स्तर से औपचारिकता को छोड़कर खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। संसाधनों का रोना रोकर इस विभाग के अफसर मौज मार रहे हैं। वहीं खनन के मामले में हर छोटी बड़ी शिकायत पुलिस के पास पहुंचने पर मनमाफिक काम होता है। सेटिंग वाले मामलों में पुलिस शिकायतकर्ता को तर्क देती है कि इसकी शिकायत प्रशासन या खनन विभाग से करें तो पुलिस कार्रवाई करेगी। जिन मामलों में पुलिस खनन का वाहन पकड़ती है उसमें नेता से लेकर तमाम प्रभावशाली लोगों के फोन आ जाते हैं। इसके बाद पुलिस रिपोर्ट से परहेज करके वाहन सीज करने भर का काम करती है। संबंधित वाहन मालिक जरूरी औपचारिकता पूरी करके वाहन थाने से छुड़ा ले जाता है।

विधायक ने इंस्पेक्टर को हटवाया था

जिले में खनन के लिए चर्चित एक विधायक का पिछली साल अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी से विवाद हो गया था। दरअसल इंस्पेक्टर ने विधायक के खास चेले की खनन भरी ट्रैक्टर ट्रॉली सीज कर दी थी। तनातनी बढ़ने के बाद इंस्पेक्टर ने नेता की सरपरस्ती में चल रहे खनन के धंधे को बंद कराने में जी-जान जुट गए। ताबड़तोड़ कार्रवाई से बेहाल विधायक ने तत्कालीन एसएसपी से शिकायत की तो उन्होंने इंस्पेक्टर की कार्रवाई सही ठहराते हुए उन्हें हटाने से इनकार कर दिया। बाद में और बडे़ अधिकारियों तक शिकायत की गई। तब इंस्पेक्टर को दूसरे थाने का प्रभारी बना दिया गया। नए इंस्पेक्टर विधायक के हिसाब से चलने लगे तो शिकायतें खत्म हो गईं।

खनन के मामले में शासन का स्पष्ट निर्देश है कि पुलिस को सीधे कार्रवाई नहीं करनी है। ऐसी शिकायत मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी, सीओ स्तर के पुलिस अधिकारी व खनन विभाग के लोग टीम बनाकर कार्रवाई कर सकते हैं। संबंधित विभागों के अधिकारी जहां बताएं, पुलिस वहां कार्रवाई करने को तैयार है।- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

नदी में मलबा डालकर निकाल रहे अवैध खनन की ट्रॉलियां

बरेली। नेताओं और पुलिस की सरपरस्ती में शहर के आसपास धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है। चल रहा है। एसडीएम और अर्दली को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश के मामले में तो इज्जतनगर थाना पुलिस ने प्राथमिकता से कार्रवाई कर दी, जबकि ऐसे दूसरे मामलों में शिकायत व सबूत सामने होने पर भी पुलिस टालमटोल करती है।
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सीबीगंज के गांव सुंदरासी के पीछे बड़ी मात्रा में मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। यहां से मिट्टी लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां किला नदी के पानी के बीच से पार कराकर दूसरी तरफ इज्जतनगर के गांव मठ कमलनैनपुर होते हुए शहर तक ले जाई जाती हैं, लेकिन दोनों थानों की पुलिस जानबूझकर इसे अनदेखा करती है। चश्मदीदों के मुताबिक किला नदी के बीच से ट्रॉलियां निकालने के लिए खनन माफिया ने नदी में बाकायदा मलबा डाल दिया है। इस तरह नदी के बीच रास्ता बनाकर ट्रॉलियों को मठ कमलनैनपुर की तरफ निकला जा रहा है। लोगों ने बताया की हर एक घंटे में यहां से मिट्टी लदी ट्रॉली निकलती है।
इज्जतनगर के मुड़िया अहमदनगर में भी अवैध खनन का धंधा जोरों पर है। एक पूर्व प्रधान के पास ट्रैक्टर ट्रॉलियों का बेड़ा है जिसको उसने खनन के ही धंधे में लगा रखा है। पूर्व प्रधान पर सत्तापक्ष के एक नेता का हाथ है और ‘खातिरदारी’ करने की वजह से वह एक इंस्पेक्टर का भी करीबी है। बिथरी चैनपुर में भी एक चर्चित व्यक्ति शहर के एक नेता की शह पर खनन करा रहा है। कुछ दिन पहले एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने खनन करने वाले को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। इसके अलावा भी शहर के कई क्षेत्रों में खनन माफिया सक्रिय हैं और शहर के चारों ओर अवैध खनन का काम चल रहा है, लेकिन पुलिस, प्रशासन व खनन विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
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