पिता ने कहा- मां के अलग रहने की वजह से तनाव में थी बेटी
बरेली। कटरा चांद खां में रहने वाली 22 वर्षीय सुलक्ष्मी मौर्य ने पंखे पर दुपट्टे से फंदा बनाकर कर ली। बताया जा रहा है कि अपनी मां और पिता के अलगाव की वजह से सुलक्ष्मी साल भर से तनाव में थी।
सुलक्ष्मी के पिता हरीश मौर्य बरेली कॉलेज में क्लर्क हैं। उन्होंने बताया कि आपसी विवाद की वजह से उनकी पत्नी राजवती दूसरे घर में अलग रहती हैं। बेटे शिवम, सुंदरम और बेटी सुलक्ष्मी उनके साथ रहते हैं। हरीश के मुताबिक बृहस्पतिवार रात खाना खाने के बाद रात 12 बजे तक वे लोग बात करते रहे जिसके बाद वह और सुलक्ष्मी घर की पहली मंजिल पर सोने चले गए। दोनों बेटे नीचे सो रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे वह उठे तो देखा कि सुलक्ष्मी का शव बरामदे में लगे पंखे से लटक रहा था।
हरीश ने सूचना दी तो पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हरीश ने बताया कि सुलक्ष्मी ने हाल ही में बरेली कॉलेज में उर्दू विषय से एमए की फाइनल ईयर की परीक्षा दी थी। अब वह बीएड की तैयारी कर रही थी लेकिन मां के अलग रहने से तनाव में रहती थी।
मन पर चोट करता है मां-बाप का अलगाव
मनोवैज्ञानिक डॉ. हेमा खन्ना का कहना है कि बच्चे भले ही बड़े हो जाएं लेकिन मां-बाप का अलगाव उनके मन पर चोट करता है। ऊपर से वे भले ही कुछ प्रदर्शित न करें लेकिन यह बात उनके मन में बैठ जाती है। उन्हें पिता और मां, दोनों के प्यार की जरूरत होती है। तमाम बच्चे इसी वजह से घर छोड़कर भी भाग जाते हैं। मगर इस तरह के मामलों को लेकर लड़कियां ज्यादा संवेदनशील होती हैं। इसी वजह से अवसाद में आकर आत्मघाती कदम उठा लेती हैं।