माफिया अशरफ के साले सद्दाम ने एसटीएफ को खूब छकाया, लेकिन प्रेमिका की वजह से शिकंजे में आ गया। सद्दाम दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे बरेली के एक नेता की बेटी संग दिल्ली में घूम रहा था। एसटीएफ युवती की लोकेशन ट्रेस कर सद्दाम तक पहुंची।
कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला की तरह सद्दाम भी प्रेमिका की वजह से शिकंजे में आ गया। एसटीएफ और पुलिस को कई महीने तक छकाने वाला सद्दाम दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे बरेली के एक नेता की बेटी से इश्क करता है। यही कमजोर कड़ी उसकी गिरफ्तारी की वजह बनी।
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माफिया अशरफ का साला सद्दाम बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के खुशबू इन्क्लेव में किराये पर मकान लेकर रहता था। उमेश पाल हत्याकांड से पहले ही उसने बरेली आना छोड़ दिया था। तीन साल बरेली में रहकर सद्दाम ने शहर में अपने गुर्गों का नेटवर्क खड़ा किया था। इस बीच सद्दाम का इश्क परवान चढ़ा।
सौ फुटा रोड स्थित रेस्टोरेंट में वह प्रेमिका के साथ अक्सर लंच व डिनर करता था। इस कारण एक कैफे संचालक से सद्दाम की दोस्ती तक हो गई थी। प्रेमिका से सद्दाम की सगाई तय होने की बात हुई थी। उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब सद्दाम पर शिकंजा कसा तो नेता के परिवार ने कहना शुरू किया कि उन्होंने मंगनी तोड़ दी है।
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जबकि परिवार की टोकाटाकी के डर से सद्दाम की प्रेमिका दिल्ली शिफ्ट हो गई। वहां वह फ्लैट लेकर रहने लगी। सद्दाम अक्सर दिल्ली में अपनी प्रेमिका से मिलने जाता था। एसटीएफ ने प्रेमिका की लोकेशन पता करके वहां निगरानी बढ़ा दी थी। प्रेमिका से मिलने पहुंचे सद्दाम को आखिर गिरफ्तार कर लिया गया।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद सद्दाम दिल्ली, मुंबई व कर्नाटक तक घूमा। उसके दुबई जाने की भी चर्चा हुई, हालांकि पूछताछ में उसने इसे स्वीकार नहीं किया। सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद बिथरी थाने में मुकदमे के विवेचक सीओ तृतीय आशीष प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार ने उससे लंबी पूछताछ की।
एसटीएफ के डीएसपी अब्दुल कादिर व उनकी टीम पहले से मौजूद थी। सद्दाम ने उन्हें बताया कि वह ज्यादातर समय दिल्ली और मुंबई में रहा। कर्नाटक के मैसूर में भी वक्त गुजारा। हालांकि, वह दुबई जाने की बात को टाल गया।
गिरफ्तारी के बाद आतिन ने बिथरी चैनपुर पुलिस को सद्दाम और उसके गुर्गों के बारे में जानकारी दी थी। आतिन असद के साथ बरेली आकर सद्दाम के कमरे पर रुकता था। इसलिए आतिन को जानकारी थी कि सद्दाम के साथ कौन-कौन रहता है।
पुलिस उन बिंदुओं पर काम कर रही थी। इस बीच यह साफ हो गया था कि सद्दाम आजकल दिल्ली में है और प्रेमिका के संपर्क में है। थाना पुलिस त्योहार व जुलूस निपटाने में लगी रही। इधर, एसटीएफ ने गुडवर्क कर लिया।
सद्दाम ने लल्ला गद्दी से दोस्ती कर शहर में विवादित जमीन की सौदेबाजी में लगा था। लल्ला गद्दी ने सद्दाम को प्रॉपर्टी के काम से जुड़े गुड्डू उर्फ फरहत से मिलवाया था। सद्दाम ने फरहत के खाते में प्रापर्टी खरीदने के लिए रुपये भेजे थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद लेनदेन के सबूत मिलने पर फरहत को जेल भेजा गया था।
लल्ला गद्दी ने सद्दाम को फुरकान, नाजिश, सैय्यद साहब आदि लोगों से भी मिलवाया था। ये लोग विवादित जमीन में सद्दाम से अशरफ की अवैध कमाई का रुपया लगवाते थे और खुद कब्जा करते थे। समझौते की बात आती थी तो मोटी रंगदारी लेते थे।