लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए हुए मतदान में 12 स्थानों पर ईवीएम नहीं चलने और तिलहर के गांव शिवदासपुर, धनेली, महेश व नवदिया में वीवीपैट खराब होने से मतदान करीब 15 से 30 मिनट तक प्रभावित रहा। जैतीपुर थना क्षेत्र के गोरा बकैनिया गांव में मतदान केंद्र पर वोट डालने को लेकर हुए विवाद में दो पक्षों में लाठी डंडे चले और फायरिंग हुई।
इस घटना में एक पक्ष से सुशीला के हाथ में छर्रे लगे। बीच बचाव में महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। दूसरी ओर जलालाबाद, सिंधौली, मदनापुर, कटरा, मिर्जापुर, खुटार, निगोही आदि क्षेत्रों में ग्रामीणों ने विकास कार्य नहीं होने से नाराज होकर मतदान का बहिष्कार किया। मिर्जापुर ब्लॉक के गांव चितऊ, संगहा, थाथरमई और सलेमपुर में अधिकारियों ने लोगों को समझाकर मतदान शुरू कराया जबकि अन्य स्थानों पर काफी देर तक मान मनौव्वल का दौर चला।
खीरी: ईवीएम ने किया परेशान, जबरन वोटिंग कराने पर पीठासीन अधिकारी को हटाया
शांतिपूर्ण ढंग से मतदान के बीच 68 जगहों पर ईवीएम में खराबी की शिकायतें मिलीं लेकिन उन्हें जल्द ही ठीक कर लिया गया। गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्र के गांव दतेली के बूथ संख्या 237 पर सुबह करीब दस बजे 60 वर्षीय नूरजहां ने पीठासीन अधिकारी पर जबरन कमल का बटन दबा देने का आरोप लगाया, इस पर विवाद होने लगा। वोटिंग भी कुछ देर के लिए रुक गई।
सूचना पर तत्काल एसडीएम गोला सुनंदू सुधाकरन मौके पर पहुंचे और लोगों को संतुष्ट करते हुए पीठासीन अधिकारी प्रदीप कुमार को हटाकर उनके स्थान पर महेश प्रसाद को तैनात कर दिया। एसडीएम ने बताया कि लोग आरोप लगा रहे थे, इसलिए पीठासीन अधिकारी को हटाया गया। मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। वहीं फूलबेहड के गांव बसहा भूड़, गोला के कुंवरपुर माफी, बांसगांव बसही में विकास न कराए जाने के विरोध में मतदान का बहिष्कार किया, जबकि बिजुआ के गांव चौखड़िया का बूथ दूसरे गांव में बनाए जाने पर मतदाताओं ने चुनाव का बाहिष्कार किया।