उजमा की तीन और बहनें भी भारत में
उजमा ने बताया कि उनकी तीन और बहनें भी पाकिस्तान से भारत की बहू बनकर आई हैं। इसमें राना मुख्तार को वर्ष 2018 में नागरिकता मिली थी। वहीं, सबसे छोटी बहन समीना मुख्तार को भी कई साल पहले नागरिकता मिल चुकी है। एक बहन शायदा को अभी तक नागरिकता नहीं मिली है।
उन्होंने इसके लिए आवेदन किया हुआ है। उजमा ने बताया कि वह जावेद के साथ शादी होने से छह साल पहले ही भारत आ गई थीं। तब से ही वह नागरिकता के भागदौड़ कर रहीं थीं। शौहर जावेद के प्रयास से आखिरकार वह भारत की नागरिक बनने में सफल हुईं।