प्रेमी के साथ देखने पर की थी बेटी की हत्या
पुलिस ने मटरू को बुलाकर बातचीत की तो स्थिति स्पष्ट हो गई। इसके बाद पिता सुखलाल से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया था कि खेत में प्रेमी के साथ बेटी को देखने के बाद उसे कमरे में बंद कर दिया था। काफी समझाने के बाद वह नहीं मानी तो आवेश में आकर ईंट से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में बांधकर तालाब में डाल दिया। हत्याकांड के बाद क्षेत्र में सनसनी मच गई थी।
आरोपी पिता ने बताया था कि वह बेटी की हत्या के बाद मटरू को फंसाना चाहता था। पुलिस ने पिता को जेल भेज दिया था। विवेचना में साक्ष्य के आधार पर सुखलाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा गया। द्वितीय फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश नवेंद्र नाथ पांडेय ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर सुखलाल को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।