खुटार (शाहजहांपुर)। फसल की रखवाली करने बुधवार रात खेत पर गए गांव बुझिया के 28 वर्षीय रामलड़ैते पर तेंदुए ने हमला कर दिया। रामलड़ैते के शोर मचाने पर तेंदुआ भाग गया। रामलड़ैते को निजी अस्पताल में इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। उधर, वन अधिकारियों ने मामले की जानकारी से ही इनकार कर दिया है।
रामलड़ैते ने बताया कि छुट्टा पशु और जंगली सुअर फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं। बुधवार रात वह फसल की रखवाली करने खेत पर गया था। उसे पास के गन्ने के खेत से कुछ आहट सुनाई दी। टॉर्च जलाने पर खेत में तेंदुआ दिखाई दिया। वह संभलता इससे पूर्व ही तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया और हाथ-पैर में पंजा मारकर घायल कर दिया। शोर मचाने पर तेंदुआ गन्ने के खेत में भाग गया।
शोर सुनकर आसपास खेतों में फसल की रखवाली कर रहे किसान भी उसके पास पहुंचे और तेंदुआ होने की जानकारी पर शोर शराबा किया। गांव के लोग रामलड़ैते को घर लाए। इसके बाद परिवार के लोगों ने उसे खुटार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। डॉक्टर के अनुसार रामलड़ैते को किसी वन्य पशु के पंजे जैसे लगे हैं। रामलड़ैते ने बताया कि गांव के प्रधान और अन्य लोगों ने वनकर्मियों को घटना की जानकारी दी, लेकिन किसी ने भी मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी। इससे लोगों में रोष है।
बकरी, नीलगाय का शिकार कर चुका है तेंदुआ
तेंदुआ इससे पूर्व जनवरी माह में ही गांव बुझिया के पास बकरियों और नीलगाय को मार चुका है। फिर भी वन अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और गांव के लोगों को खेत में समूह में जाने आदि बातें कहकर वापस लौट जाते हैं। बकरी और नीलगाय मारे जाने के बाद गांव के लोगों ने शंका जताई थी कि तेंदुआ गन्ने के खेतों में मौजूद हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया।
समूह में खेतों पर गए किसान
बृहस्पतिवार को किसान खेतों में समूह में गए और फसलों की रखवाली की। किसानों ने खेत पर अकेले जाने से परहेज किया और खेतों में शोर शराबा करते रहे। किसानों का कहना था कि वन विभाग को मामले को गंभीरता से लेकर तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ना चाहिए।
तेंदुए के हमले में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं दी गई है। अगर घटना हुई है तो जांच कराई जाएगी और लोगों को जागरूक किया जाएगा।
- डीएस यादव, रेंजर खुटार
गांव बुझिया में समूह में खेतों पर पहुंचे किसान- फोटो : POWAYAN