24 साल पहले पाकिस्तान से दुल्हन बनकर सिंधु नगर आईं लीला बाई अब भारतीय पासपोर्ट से मायके जाएंगी। 19 साल बाद उन्हें भारतीय नागरिकता मिली है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंडर सचिव इंप्शिता एम पाल ने नागरिकता का प्रमाण पत्र जारी किया है। नागरिकता मिलने के बाद लीला बाई और उनके पति बेहद खुश हैं। इनके अलावा चौदह और पाकिस्तानी नागरिकों को जल्द की भारतीय नागरिकता मिलने की उम्मीद है। उनकी फाइलें अंतिम शासन से फाइनल होने के बाद गृह मंत्रालय पहुंच गई हैं।
पाकिस्तान के सिंध प्रदेश के जिला नवाब शाह के कस्बा काजी अहमद की रहने वाली लीला बाई की शादी 25 नवंबर 1992 को सिंधु नगर निवासी नरेंद्र कुमार वतवानी के साथ हुई थी। शादी के पांच साल बाद लीला बाई ने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर दिया था। मंगलवार को सीओ एलआईयू नागेंद्र चतुर्वेदी ने लीला बाई को भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र दिया। लीला बाई ने बताया कि वह पांच साल से अपने मायके नहीं गई है। अब भारत का पासपोर्ट बनवाने के बाद मायके में अपने रिश्तेेदारों से मिलने के लिए जाएंगी।