फरीदपुर से आठ महीने पहले लापता नाबालिग छात्रा बुलंदशहर के एक गांव से बरामद हो गई है। छात्रा ने जो कहानी बताई है उसके मुताबिक वह छह महीने मुहल्ले के ही एक मुस्लिम युवक के साथ और फिर भमौरा के एक युवक के पास रही फिर इन लोगों ने ही विधिवत धर्म परिवर्तन कराकर बुलंदशहर के शिकार पुर गांव में उसका निकाह करा दिया। इस बीच लड़की इस तरह इधर उधर करने वाले ने पदारथपुर गांव के पूर्व प्रधान समेत चार लोगों के खिलाफ गैंगरेप की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया तो आरोपी बनाए गए लोग पुलिस के साथ जाकर उसे बरामद करा लाए। छात्रा बमुश्किल मेडिकल कराने के लिए राजी हो पाई। अब सप्लीमेंट्री रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस छात्रा के कोर्ट में बयान कराने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगी। छात्रा के पिता ने उसकी गुमशुदगी फरीदपुर थाने में लिखा रखी थी। पुलिस ने उनकी गुमशुदगी पर ध्यान ही नहीं दिया।
10 अक्टूबर 2015 को बीसलपुर(पीलीभीत) के सोनू से फोन पर बात करते हुए पकड़ेे जाने पर पिता ने डांटा तो सत्रह वर्षीय यह छात्रा घर से भाग गई थी। वह कस्तूरबा स्कूल में पढ़ती थी। उसने सोनू को फोन मिलाया तो संपर्क नहीं हो पाया। रास्ते से अनीस उसे अपने घर ले गया। यह जानते हुए भी कि लड़की कस्बे की ही है उसने गुपचुप छह महीने तक फरीदपुर के ही मोहल्ला मिर्धान में उसे अपने पास रखा। एक महीने वह थाना भमौरा के किशोरपुर गांव के असगर के पास रही। असगर ने धर्म परिवर्तन कराकर जिला बुलंदशहर के शिकारपुर गांव के खुशी मोहम्मद से निकाह करा दिया। बात को लड़की को बार बार बेचने की कही जा रही है लेकिन वह इस बाद की तस्दीक नहीं कर रही है। बल्कि अनीस और असगर को भाई की तरह बता कर उनका बचाव कर रही है।
इस बीच अनीस ने 24 अप्रैल को सीमा पत्नी खुशी मोहम्मद ने नाम से छात्रा की तरफ से पदारथपुर के पूर्व प्रधान कौसर खां, उनके चचेरे भाई छोटे, भतीजे बड़े और रोजगार सेवक पप्पू पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए कोर्ट के जरिए मुकदमा लिखा दिया। गैंररेप का आरोप लगने के बाद ये लोग सीमा नाम की महिला को तलाश करते हुए बुलंदशहर पहुंच गए। पुलिस को लेकर वह खुशी मोहम्मद के घर गए तो वह भाग गया। सोमवार की रात को पुलिस छात्रा को बुलंदशहर से ले आई है। महिला थाने से मंगलवार को पुलिस छात्रा का मेडिकल कराने के लिए जिला महिला अस्पताल पहुंची तो उसने इनकार कर दिया। बाद में बमुश्किल उसे समझाकर मेडिकल कराया गया। बुधवार को एक्स-रे होने के बाद उसकी उम्र का संशय भी खत्म हो जाएगा।
सियासी रंजिश में हथियार बना लिया
बरेली। फरीदपुर के पदारथपुर गांव में पूर्व प्रधान कौसर खां के भाई बाबू खां की हत्या होने के बाद से उनकी वर्तमान प्रधान सिद्दीक से रंजिश चल रही है। इस सियासी लड़ाई में दोनों परिवार एक-दूसरे से दुश्मन बने हुए हैं। पूर्व प्रधान का आरोप है कि अनीस के सिद्दीक से करीबी संबंध हैं। इसीलिए उन्हें फंसाया गया है।
खुशी मोहम्मद से साथ ही रहना है
छात्रा का कहना है कि अनीस और असगर ने उसे बहन की तरह अपने घर में रखा। अब वह एक महीने की गर्भवती है और खुशी मोहम्मद के साथ रहना चाहती हूं। अनीस ने उससे आधार कार्ड बनवाने के लिए फोटो लेकर सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए थे। अनीस ने उससे इतना जरूर कहा था कि पूर्व प्रधान उसे फंसाकर जेल भिजवाना चाहता है। कोर्ट में कह देना उसने और उसके साथियों ने तुमसे गैंगरेप किया है। अनीस की बात पर उसने हां कर दी थी।
निकाह किया गर्भवती हुई तो छोड़ दिया
इज्जतनगर थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय एक विवाहिता पिछले छह दिन से दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर है। पिता की नजर में उसका दूसरे धर्म के लड़के से शादी करना गुनाह है, वह उसका मुंह तक देखना नहीं चाहता। जिसके प्यार पर विश्वास करके उसने यह कदम उठाया, अब वह उसके गर्भवती होने पर घर से निकाल चुका है। भूखी प्यासी भटकती लड़की ने अब आला हजरत दरगाह में शरण ली है।
युवती ने बताया कि उसकी मां बचपन में ही चल बसी, पिता पहले फौज में थे अब टेंपो चलाते हैं। दो छोटे बहन-भाई को अकेले पालते हुए वह बड़ी हुई। पिता ने उसकी शादी तीन साल पहले एक विधुर युवक से कर दी जो दो बच्चों का पिता था। शराबी पति मारता-पीटता था तो छह माह पूर्व उसने तलाक ले लिया। पिता ने अपने साथ नहीं रखा तो पिता के घर के बराबर में किराए पर कमरा लेकर वह रहने लगी। खर्च चलाने के लिए एक दुकान पर नौकरी कर ली। युवती के अनुसार, दो महीना पहले हार्टमैन कालेज के पास रहने वाले युवक की उससे दोस्ती हुई। युवक ने गलत परिचय देकर उसे अपने झांसे में लिया। जब उसने अपने धर्म के बारे में बताया तो 9 मई को दोनों दिल्ली गए जहां उसने अपना धर्म परिवर्तन कर युवक से निकाह कर लिया। दोनों 14 मई तक साथ रहे। वह पति के साथ ससुराल आई तो परिवार ने उसे स्वीकार नहीं किया। शौहर बोला- कि वह दिल्ली जाकर रहे, वह कुछ दिन बाद परिवार को मनाकर आ जाएगा। वह 15 मई को वह वापस दिल्ली चली गई जहां पति के आने का इंतजार करती रही। इस बीच उसका फोन नंबर बंद जाने लगा। तब वह वापस बरेली आई। 17 मई को वह ससुराल गई तो पति ने यह कहकर उसे घर से निकाल दिया कि उसने अपने तलाकशुदा होने की बात उसे पहले नहीं बताई। युवती के पिता का कहना है कि उसके लिए बेटी मर चुकी है, वह किसी भी कीमत पर उसे अपने संग नहीं रखेगा। युवती की नौकरी छूट चुकी है, मकान मालिक ने किराया न दे पाने के कारण उसे घर से निकाल दिया है। अब 17 मई से युवती इधर उधर भटकने को मजबूर है।