अभी तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी कोतवाली पुलिस
बरेली। 300 बेड अस्पताल में नौकरी के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी अब तक एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सका है। कोतवाली पुलिस की विवेचना से नाराज पीड़ित बृहस्पतिवार को एसएसपी से मिले और विवेचक की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था जानबूझकर आरोपियों को सहूलियत दी जा रही है।
तीन बेड अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगों ने करीब 50 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की थी। उन्हें पांच-पांच लाख रुपये में नौकरी लगवाने का झांसा दिया गया था। नौकरी से पहले तीन-तीन लाख रुपये लोगों से ले लिए गए। इतना ही नहीं ठगों ने उनका जिला अस्पताल में मेडिकल तक करा दिया। पीड़ितों ने बताया कि नौकरी के नाम पर जिला अस्पताल का बाबू कुलदीप शर्मा, कर्मचारी ताहिर, बॉबी, विकास यादव ने तीन-तीन लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए थे। भंडाफोड़ होने पर एक फरवरी को एसएसपी के आदेश पर कोतवाली में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
पीड़ितों का कहना है कि कोतवाली पुलिस महज विकास यादव को मुख्य आरोपी बना रही है, जबकि अस्पताल के बाबू कुलदीप शर्मा से लेकर सभी मिले हुए हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। जब भी विवेचक से पूछा जाता है तो वह यही कहते हैं कि विवेचना चल रही है। साक्ष्य इकट्ठे किए जा रहे हैं। पीड़ितों का यह भी कहना था कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही विकास पश्चिम बंगाल भागने में कामयाब रहा। पुलिस चाहती तो विकास पकड़ा जा सकता था। एसएसपी ने पीड़ितों से कहा कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा कर रही है। बगैर साक्ष्य के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। उन्होंने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि साक्ष्य मिलने के बाद किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। शिकायत करने वालों में सुमित, राहुल, राजेश, राजकुमार, अमित, सुभाष, बाबूलाल, अशोक, दिनेश, डोरीलाल, इमरान, अमर, कुंदन आदि शामिल थे।