बढ़ सकता है सरकारी अस्पताल पर दबाव
आईएमए के आंकलन के अनुसार रोजाना 20 से 22 हजार मरीज निजी अस्पताल की ओपीडी में आते हैं। वहीं, जिला अस्पताल ओपीडी में करीब दो हजार नए और पुराने मरीज आते हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल का रुख निजी अस्पताल के मरीजों ने किया तो उन्हें संभाल पाना मुश्किल होगा। ओपीडी में मौजूदा समय में चार फिजिशियन, छह अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। इनकी रोजाना की ओपीडी 150 से 200 मरीजों की है।
निकालेंगे रैली, सौंपेंगे ज्ञापन, देंगे धरना
डॉ. गोयल के मुताबिक सुबह 10 बजे आईएमए परिसर में चिकित्सक एकजुट होकर कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालेंगे। यहां धरना के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। बताया कि जो चिकित्सक आईएमए से नहीं जुड़े, उन्हें भी आईएमए टीम अस्पताल में ओपीडी संचालन न करने को समझाएंगे। प्रेसवार्ता में सचिव डॉ. गौरव गर्ग, उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमारी मित्तल, डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. अनूप आर्य मौजूद रहे।
सरकारी अस्पताल में हड़ताल को लेकर अलर्ट
निजी चिकित्सकों की हड़ताल से सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ेगी। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने अलर्ट जारी कर निजी डॉक्टरों की हड़ताल के मद्देनजर और अधिक मुस्तैद रहने को कहा है। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. एलके सक्सेना के मुताबिक किसी भी चिकित्सक को शनिवार के लिए छुट्टी नहीं दी गई। अस्पताल में 325 बेड हैं जिनमें करीब 250 बेड अभी भरे हुए हैं।