बेमौसम बारिश से फसलों की तबाह झेल रहे बरेली के दो लाख किसानों पर बैंकों का साढ़े पंद्रह अरब रुपये का कर्जा भी है। करीब 2400 साहूकारों तथा व्यापारियों का कई अरब रुपये का कर्जा अलग रहा। कर्ज चुकाने का अब किसानों को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से दी जाने वाली मदद कर्ज की इस रकम की भरपाई नहीं कर पाएगी। अभी तक तो प्रदेश सरकार ने मदद के रूप में बरेली के किसानों को 16 करोड़ 67 लाख रुपये ही दिए हैं। 20 करोड़ रुपये और मांगे गए हैं। 25 से 50 फीसदी नुकसान वाले किसानों को शामिल किया जाए तो 25 करोड़ रुपये और मिल जाएंगे लेकिन कर्जा जस का तस बने रहने के आसार हैं।
पिछले वित्तीय वर्ष में किसानों को क्रेडिट कार्ड के आधार पर दिए गए फसली ऋण का बैंकों ने ब्योरा तैयार कर लिया है। हालांकि रिजर्व बैंक आफ इंडिया तथा केंद्र सरकार ने कर्जे की इस साल वसूली स्थगित करने के आदेश दिए हैं। सरकार के इस फैसले से किसानों को थोड़ी सी राहत तो मिली है लेकिन भविष्य में इस राशि को ब्याज सहित वसूला जाएगा या फिर ब्याज माफ होगा। इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मुआवजे की इस रकम को किसान खेत में बोए गए बीज और खाद की राशि से कम मान रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे ज्यादा रकम तो बीज और खाद में खर्च हो गई, जबकि जुताई और सिंचाई की रकम अलग से है। किसानों का कहना है कि मुआवजा इतना हो कि कम से कम लागत की भरपाई हो जाए।
बैंक का नाम किसानों की संख्या कर्ज की राशि करोड़ों में
बैंक आफ बड़ौदा 35000 282
पंजाब नेशनल बैंक 13500 117
स्टेट बैंक 20000 165
यूको बैंक 09800 088
सहकारी बैंक 30200 182
ग्रामीण बैंक 55000 417
सेंट्रल बैंक 06000 045
ओबीसी 03400 085
यूनियन बैंक 1500 032
अन्य बैंक 25600 240
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200000 1553
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‘ जिले में साहूकारी के 2400 लाइसेंसी हैं। इन्हें किसान तथा अन्य लोगों को जरूरत के अनुसार उनका सामान गिरवी रखकर कर्जा देने के लिए अधिकृत किया गया है। ’ मनोज कुमार एडीएम फाइनेंस
‘बैंकों ने आरबीआई के निर्देश पर वसूली टाल दी है। आरबीआई के नए निर्देशों पर ही ब्याज आदि के बारे में फैसला हो सकेगा’ एमएम श्रीवास्तव