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अनेजा पर मेहरबानी, जेल जाने के बाद भी लाइसेंस नहीं हुए निरस्त

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Kindness to Aneja, licenses were not canceled even after going to jail
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बरेली। सहारनपुर की टपरी डिस्टिलरी में अवैध शराब से जुड़े सौ करोड़ की टैक्स चोरी प्रकरण में अफसर मौका मिलते ही माफिया को लाभ पहुंचा रहे हैं। उसके साथी मनोज जायसवाल की शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर डाउन टाउन बार को सील करने के बाद बुलडोजर चला दिया। मगर डिस्टिलरी के मालिक प्रणय अनेजा के जेल में होने के बावजूद धंधा चल रहा है। न तो उसकी दुकानों के लाइसेंस निरस्त हुए हैं और न ही बार पर कार्रवाई हुई है।
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पिछले साल फरवरी में एसटीएफ ने सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में छापा मारा था। इस दौरान सामने आया था कि साल भर से वहां एक ही गेट पास और बिल्टी पर शराब के दो ट्रक निकाले जाते हैं। यह खेल उन्नाव, कानपुर, बदायूं, संभल और बदायूं के ठेकेदारों की मिलीभगत से चल रहा था और इसके जरिये करीब सौ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई। फिर मामले की जांच एसआईटी लखनऊ को दे दी गई। इस मामले में टपरी डिस्टिलरी के मालिक प्रणय अनेजा, शराब ठेकेदार मनोज जायसवाल, उसका पार्टनर और उन्नाव के गोदाम का मालिक अजय जायसवाल, टपरी का पीआरओ पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का साला अश्वनी उपाध्याय समेत 16 लोगों को अब तक जेल भेजा जा चुका है।
इस तरह जुड़ा बरेली से कनेक्शन : प्रणय अनेजा, मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल और अश्वनी उपाध्याय बरेली में ही रहते हैं। इस वजह से इन लोगों ने यहां भी खूब कारोबार फैला लिया। पिछले साल 24 मार्च को बारादरी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने हरूनगला में शराब की 14 सौ पेटियों से भरा ट्रक पकड़ा था। मौके से फतेहगंज पश्चिमी निवासी ट्रक चालक संजय को गिरफ्तार किया गया था। उसने बताया था कि यह शराब मनोज जायसवाल ने मंगाई थी।
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जांच में सामने आया कि यह ट्रक 28 फरवरी को टपरी डिस्टलरी से शराब लेकर कानपुर में बिक्री के लिए उन्नाव स्थित अजय जायसवाल के गोदाम के लिए रवाना हुआ था। मगर शराब कानपुर न जाकर बरेली आ गई और खपाए जाने से पहले ही पकड़ गई। इसके बाद मनोज जायसवाल पर शिकंजा कसना शुरू हुआ। उसके बार और दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया। मगर प्रणय अनेजा की डिस्टिलरी से शराब आने के बावजूद उसके बार और दुकानों के लाइसेंसों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
कास्मेटिक व्यापारी चला रहा है दो बार : अनेजा ग्रुप के बरेली में सुभाषनगर, स्टेशन रोड, डीडीपुरम समेत चार-पांच बार हैं। इनमें से दो बार बरेली का एक कास्मेटिक व्यापारी संचालित कर रहा है। उसके एक होटल में भी बार संचालित हो रहा है। इसके अलावा जिले में उसकी कई शराब दुकानें भी हैं, जिनके लाइसेंस दूसरे लोगों के नाम पर हैं लेकिन होल्ड इसी ग्रुप का है।
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