बरेली। फरीदपुर में महीने भर बंद रहने के बाद अब तीन गुनी रफ्तार में अवैध खनन शुरू हो गया है। सिस्टम से सेटिंग होने के बाद खनन माफिया मझौआ और गौसगंज गांवों के आसपास जेसीबी से पूरी रात खनन करते हैं। नेशनल हाईवे और बुखारा रोड के बीच स्थित संपर्क मार्ग पर रात भर रेत लदी ट्रालियां दौड़ती हैं, जिसकी वजह से यह सड़क खस्ताहाल हो गई है। सड़क पर भी इतनी रेत बिखरी पड़ी है लोगों का यहां से गुजरना मुश्किल है।
पिछले दिनों अमर उजाला ने बुखारा रोड के पास घारमपुर गांव के पीछे अवैध खनन का खुलासा किया था। इसके बाद वहां खनन का काम बंद हो गया। करीब महीने भर बाद अब खनन का सिलसिला पहले से तीन गुनी रफ्तार से शुरू हो गया है। नेशनल हाईवे और बुखारा रोड के संपर्क मार्ग के आसपास के कई गांवों में बड़ी तादाद में रातभर जेसीबी से खुदाई कर सैकड़ों ट्रालियां रेत को फरीदपुर एवं आसपास के कस्बों में सप्लाई कर रही हैं लेकिन अफसर जानबूझकर अनजान बने हैं। रात भर रेत की ट्रालियां गुजरने के चलते यह सड़क भी टूटकर बर्बाद हो गई है। धूल-मिट्टी के कारण सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीण भी परेशान हैं लेकिन अफसरों की शह और खनन माफिया के डर से कोई बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है।
मझौआ गांव के पीछे
नेशनल हाईवे और बुखारा रोड के बीच स्थित ग्राम मझौआ से प्राथमिक स्कूल वाले रोड से आगे जंगल में बड़ी तादात पर खनन हो रहा है। रात भर यहां से ट्रालियां रेत लेकर गुजरती हैं। बताया जाता है कि यहां पर करीब दस बीघा जमीन में खनन हो रहा है।
रेलवे क्रॉसिंग रोड
गौसगंज क्रॉसिंग से बायीं ओर जाने वाली रोड पर करीब आधा किलोमीटर अंदर की ओर भी खेतों में जेसीबी से खनन चल रहा है। पूरी रात यहां से रेत की ट्रालियां गुजरती हैं लेकिन कोई भी ध्यान देने वाला नहीं है।
टोल प्लाजा के पास के गांव में भी खनन
रिलायंस पेट्रोल पंप के पास निर्माणाधीन टोल प्लाजा से दक्षिण में स्थित गांवों में भी धड़ल्ले से खनन किया जा रहा है। पूरी रात ट्रालियां यहां से मिट्टी लेकर नेशनल हाईवे से होकर गुजरती हैं लेकिन जिम्मेदार अफसर खामोश हैं।
वर्जन
खनन पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। फरीदपुर के आसपास के गांवों में अवैध खनन की जानकारी नहीं है। टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और कार्रवाई होगी।
- मनोज कुमार पांडेय, एडीएम फाइनेंस