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केसर सिंह समर्थक बरी, भगवत सरन पर दर्ज होगा मुकदमा

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झूठी गवाही देने के आरोप में कोर्ट ने की कार्रवाई
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बरेली। चार साल पहले चुनाव के दौरान पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार पर जानलेवा हमला करने के आरोप से पांच लोगों को अदालत ने बरी कर दिया। ये सभी पूर्व विधायक स्वर्गीय विधायक केसर सिंह समर्थक थे। वहीं, भगवत सरन गंगवार पर अदालत ने झूठी गवाही देने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मामला एडीजे अब्दुल कय्यूम की अदालत का है।
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान भगवत सरन गंगवार ने हाफिजगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह नवाबगंज से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हैं। 14 दिसंबर, 2017 को क्षेत्र से लौटते वक्त गांव सुंदरी और देशनगर के बीच घात लगाए बैठे भाजपा प्रत्याशी केसर सिंह, मुनेंद्र, विशाल, धर्मेंद्र गंगवार, वीर सिंह, सुरेश, लाखन सिंह, ओमेंद्र कुमार, प्रताप सिंह, संतोष गुप्ता, प्रशांत गुप्ता उर्फ लालू और 10-15 अन्य लोगों ने उनकी गाड़ी को घेरकर गालीगलौज और फायरिंग की। वे लोग जान बचाकर खेतों में भागे तो ये लोग गालियां देते हुए पीछे-पीछे पहुंच गए। गांव क्योलड़िया के लोगों के आने पर आरोपियों ने उन्हें भी मारापीटा। पुलिस ने मौके पर आकर इन लोगों को पकड़ा।
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विवेचना के बाद वीर सिंह, सुरेश, लाखन सिंह, ओमेंद्र पाल और प्रताप सिंह के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। गवाही के लिए भगवत सरन गंगवार, रवींद्र गंगवार, मुनीश, सोहन लाल मौर्य, उमेश चंद्र, महेश प्रताप को पेश किया गया। दौरान गवाही भगवत सरन गंगवार ने मुख्य परीक्षा में तो अभियोजन की बात का समर्थन किया लेकिन जिरह के दौरान उन्होंने कहा कि मुल्जिमानों ने उनके साथ कोई मारपीट नहीं की और न ही जानलेवा हमला किया। मौके पर मौजूद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के कहने पर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। अन्य गवाहों ने भी अभियोजन की बात का समर्थन नहीं किया। कोर्ट ने अपने फैसले में वीर सिंह, सुरेश, लाखन, प्रताप सिंह और ओेमेंद्र को बरी कर दिया, लेकिन मुकदमा लिखाने वाले भगवत सरन गंगवार के खिलाफ अदालत में झूठी गवाही देने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
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