बरेली। पीलीभीत बाइपास गोलीकांड में फंसे सपा पार्षद गौरव सक्सेना की पैरवी में अब कायस्थ महासभा उतर आई है। सोमवार को कायस्थ सभा के प्रतिनिधि मंडल ने एसपी सिटी मानुष पारीक को ज्ञापन देकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्षद की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए नाम उछालने का आरोप लगाया।
पीलीभीत बाइपास पर प्लॉट कब्जाने को लेकर 22 जून को आदित्य उपाध्याय और राजीव राणा पक्ष में दो घंटे तक फिल्मी स्टाइल में गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर केपी यादव, धनुष उर्फ गुर्गा, गोला घोसी, रोहित ठाकुर, ललित सक्सेना और सुभाष लोधी समेत 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हाल ही में 35 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
फरार चल रहे आरोपियों में गौरव सक्सेना समेत होटल सीके वैली के मालिक चांद मियां, रोहित शर्मा, शिवम माथुर, सुनील, सचिन मौर्य, आकाश उपाध्याय, देवेंद्र उर्फ दरिया यादव, समर यादव, लल्ला समेत अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है। मामले की जांच एसपी सिटी कर रहे हैं। विवेचना में सामने आया कि पार्षद गौरव सक्सेना गोलीकांड में शामिल हिस्ट्रीशीटर के संपर्क में थे।
विवेचना में सपा पार्षद गौरव सक्सेना का नाम आने के बाद कायस्थ महासभा ने पैरवी शुरू कर दी है। एसपी सिटी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि गौरव सक्सेना कायस्थ समाज के उभरते हुए नेता हैं। ऐसे में उनका नाम गोलीकांड में शामिल कर उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल किया जा रहा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान चित्रांश महासभा, कायस्थ चेतना मंच, श्री चित्रगुप्त सेवा समिति, कायस्थ महासभा ट्रस्ट आदि संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। संवाद