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UP: बरेली के जोगी नवादा में कड़ी सुरक्षा के बीच निकला कांवड़ियों का जत्था, तिरपाल से ढका गया धर्मस्थल

Sun, 04 Aug 2024 04:40 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली के जोगी नवादा में कड़ी सुरक्षा के बीच कांवड़ियों का जत्था निकला। इस दौरान धर्मस्थल को तिरपाल से ढक दिया गया। पिछली साल यहां बवाल हो गया था। एक जत्थे की अनुमति निरस्त कर दी गई। 
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kanwar yatra 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के जोगी नवादा में रविवार को डीजे की धुन पर थिरकते हुए 500 कांवड़ियों का जत्था कछला के लिए रवाना हुआ। सोमवार को सभी कांवड़िये वनखंडी नाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। पिछले साल हुए बवाल को देखते हुए एक कांवड़ जत्थे की अनुमति को ऐन मौके पर निरस्त कर दिया गया। दूसरा जत्था रविवार की दोपहर धूमधड़ाके के साथ निकाला गया।

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पिछले वर्ष सावन में जोगी नवादा में खासा बवाल हुआ था। धर्मस्थल के पास रंग-गुलाल उड़ाने और नारेबाजी करने को लेकर सांप्रदायिक विवाद की शुरुआत हुई जो अगले सोमवार को बवाल में बदल गई थी। तब तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी का तबादला कर दिया गया। वहीं, इंस्पेक्टर बारादरी रहे अभिषेक सिंह समेत स्टाफ को निलंबित कर दिया था। तत्कालीन एसएसपी ने ही संबंधित जत्थे को अवैध घोषित करने की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।

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इस जत्थे की अनुमति निरस्त कर दी गई
रविवार को कछला जाने के लिए दो जत्थों ने अनुमति मांगी। इनमें से पूर्व पार्षद डॉ. बनवारीलाल शर्मा के जत्थे को वैध मानते हुए शर्तों के साथ अनुमति दी गई। जबकि मौर्य गली से निकलने वाले महंत राकेश कश्यप के जत्थे की अनुमति शनिवार रात अवैध बताकर निरस्त कर दी गई।

गोसाई गौंटिया से रविवार दोपहर बनवारीलाल का जत्था निकला तो करीब 500 कांवड़िये डीजे की धुन पर थिरकते हुए निकले। इस दौरान दुकानदारों ने एहतियातन बाजार बंद कर दिया था। 

जत्था जब वनखंडी नाथ मंदिर से आगे मिश्रित आबादी से बाहर आया तो पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने चैन की सांस ली। बनवारीलाल शर्मा ने बताया कि कांवड़िये कछला से जल लाकर वनखंडी नाथ मंदिर पर चढ़ाएंगे। सीओ तृतीय अनीता चौहान, इंस्पेक्टर अमित पांडेय समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

धर्मस्थल पर डाल दी तिरपाल
बनवारीलाल के नेतृत्व में जब कांवड़ियों का जत्था निकाला गया तो पुलिस की ओर से वीडियोग्राफी कराई गई। ड्रोन से भी जत्था और आसपास छतों पर हो रही गतिविधियों की निगरानी की गई। इस दौरान उस धर्मस्थल को तिरपाल से ढक दिया गया, जहां पिछली साल रंग डालने की वजह से विवाद शुरू हुआ था।

महंत के जत्थे के कांवड़िये भी हुए शामिल
चक महमूद से जोगी नवादा होकर निकलने वाले महंत राकेश कश्यप के जत्थे को शनिवार रात एक बजे पुलिस ने आवेदन निरस्त होने की जानकारी दी। मोहल्ले के कई कांवड़िये महंत के जत्थे में जाने के लिहाज से तैयारी किए बैठे थे। अनुमति न मिलने पर इनमें से कई कांवड़िये बनवारीलाल शर्मा के जत्थे में शामिल होकर ही कछला रवाना हो गए। यही कारण रहा कि इस साल बनवारीलाल शर्मा के जत्थे की रौनक भी काफी बढ़ गई।
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अधिकारियों से करेंगे बात : महंत
अनुमति निरस्त होने पर महंत राकेश कश्यप ने बताया कि वह स्थानीय लोगों से राय लेकर अधिकारियों से बात करेंगे ताकि आगे किसी सोमवार को जत्था निकालने की अनुमति मिल जाए। वैसे अधिकारी उन लोगों से पीपल वाली गली से होकर कांवड़ निकालने को कह रहे हैं पर वह उनके लिए नई परंपरा हो जाएगी।
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