गोसाई गौंटिया से रविवार दोपहर बनवारीलाल का जत्था निकला तो करीब 500 कांवड़िये डीजे की धुन पर थिरकते हुए निकले। इस दौरान दुकानदारों ने एहतियातन बाजार बंद कर दिया था।
जत्था जब वनखंडी नाथ मंदिर से आगे मिश्रित आबादी से बाहर आया तो पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने चैन की सांस ली। बनवारीलाल शर्मा ने बताया कि कांवड़िये कछला से जल लाकर वनखंडी नाथ मंदिर पर चढ़ाएंगे। सीओ तृतीय अनीता चौहान, इंस्पेक्टर अमित पांडेय समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
धर्मस्थल पर डाल दी तिरपाल
बनवारीलाल के नेतृत्व में जब कांवड़ियों का जत्था निकाला गया तो पुलिस की ओर से वीडियोग्राफी कराई गई। ड्रोन से भी जत्था और आसपास छतों पर हो रही गतिविधियों की निगरानी की गई। इस दौरान उस धर्मस्थल को तिरपाल से ढक दिया गया, जहां पिछली साल रंग डालने की वजह से विवाद शुरू हुआ था।
महंत के जत्थे के कांवड़िये भी हुए शामिल
चक महमूद से जोगी नवादा होकर निकलने वाले महंत राकेश कश्यप के जत्थे को शनिवार रात एक बजे पुलिस ने आवेदन निरस्त होने की जानकारी दी। मोहल्ले के कई कांवड़िये महंत के जत्थे में जाने के लिहाज से तैयारी किए बैठे थे। अनुमति न मिलने पर इनमें से कई कांवड़िये बनवारीलाल शर्मा के जत्थे में शामिल होकर ही कछला रवाना हो गए। यही कारण रहा कि इस साल बनवारीलाल शर्मा के जत्थे की रौनक भी काफी बढ़ गई।
अधिकारियों से करेंगे बात : महंत
अनुमति निरस्त होने पर महंत राकेश कश्यप ने बताया कि वह स्थानीय लोगों से राय लेकर अधिकारियों से बात करेंगे ताकि आगे किसी सोमवार को जत्था निकालने की अनुमति मिल जाए। वैसे अधिकारी उन लोगों से पीपल वाली गली से होकर कांवड़ निकालने को कह रहे हैं पर वह उनके लिए नई परंपरा हो जाएगी।