बरेली। नवागत डीएम नितीश कुमार ने शनिवार को कलक्ट्रेट में अधिकारियों से परिचय के बाद उनसे मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं वाली योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने नमामि गंगे योजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट( एसटीपी) के लिए जमीन की उपलब्धता और कान्हा उपवन समेत अन्य गोशालाओं की व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए।
डीएम नितीश कुमार शनिवार सुबह नौ बजे ही कलक्ट्रेट पहुंच गए। कर्मचारी भी उस समय तक पहुंच चुके थे। इसके बाद वह अपने कार्यालय में बैठे और फारियादियों से मिले। अफसरों एवं प्रमुख पटल सहायकों से परिचय के बाद उन्होंने योजनाओं पर बात शुरू की। अफसरों से मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना नमामि गंगे और कान्हा समेत अन्य गोशालाओं की जानकारी ली। अफसरों ने एसटीपी के लिए जमीन न मिलने की बात कही तो उन्होंने इसे शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा।
आज जमीन देखेंगे अफसर
जल निगम के एक्सईएन संजय कुमार ने बताया कि सोमवार को दो एसटीपी के लिए चौबारी और ततारपुर गांव में जमीन देखी जाएगी। इस संबंध में एलएसएओ मदन को भी अवगत करा दिया गया है।
कान्हा संचालक ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, प्रताड़ित हो रहे गोसेवक
बरेली। कान्हा संचालक आचार्य संजीव गौड़ ने दस्तावेज गायब करने की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि वह गायों की सेवा कर रहे थे। सारे मूल अभिलेख नगर निगम में जमा हैं लेकिन नगर निगम ने अपनी अक्षमता छिपाने के लिए उन पर ही रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इससे समाज में उनकी बदनामी और अपमान हो रहा है। अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे धरने पर बैठेंगे।
कान्हा उपवन में गायों की मौत का मामला इन दिनों गरमाया हुआ है। मेयर ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की है। वहीं ग्रामीणों ने कान्हा से सांड़ छोड़ने को हमला किया तो संचालकों ने कान्हा के संचालन से हाथ खड़े कर लिए। इस पर निगम ने संचालन अपने हाथ में लिया। वहीं, कान्हा से दस्तावेज गायब मिलने पर तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर कान्हा के संचालक आचार्य संजीव गौड़ पर नगर निगम की ओर से मुकदमा लिखवा दिया गया। इस पर संजीव गौड़ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव से दस लाख रुपये जमा करके कान्हा संचालन की जिम्मेदारी ली थी। नगर निगम की ओर से 200 गायों की देखरेख की बात तय हुई थी, मगर अब वहां 600 से अधिक गोवंश भर दिए हैं। सांडों को रखने का इंतजाम नहीं है, दवाएं समेत अन्य इंतजाम भी पूरे नहीं किए। सारे दस्तावेज नगर निगम में जमा हैं लेकिन फिर भी उन पर रिपोर्ट दर्ज करा दी है। अगर गुरुवार तक मुकदमा वापस नहीं हुआ तो वह कलक्ट्रेट पर धरना देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम ने अपनी अक्षमता छिपाने के लिए उन पर मुकदमा दर्ज कराया है।