चिकित्सकों को हर जगह उमड़ रही भीड़ से हालात बिगड़ने का अंदेशा
बरेली। कोविड-19 से बचाव की सभी एहतियात को नजरंदाज कर त्योहार और धार्मिक आयोजनों में उमड़ रही हजारों की भीड़ ने अफसरों की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना संक्रमितों की बढ़ रही तादाद को देखते हुए चिकित्सकों ने माह भर में ही हालात बिगड़ने की आशंका जताई है। लिहाजा फिर लॉकडाउन जैसे हालात का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है।
महाराष्ट्र, पुणे, बंगलूरू और नागपुर में कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को फिर से लॉकडाउन में रहने को विवश कर दिया है। तेजी से बढ़ रहे आंकड़ों पर काबू पाने का यही एक विकल्प प्रशासन के सामने रहता है। माना जा रहा है कि कोरोना की सुस्त रफ्तार से बेफिक्र हुए लोगों की मनमानी ही अब भारी पड़ने वाली है। करीब तीन महीनों से जिले में संक्रमण के मामलों में लगातार कमी आने से लोग बचाव के प्रति लापरवाह हो गए हैं। कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन और होली पर बाजारों, बसों, ट्रेनों में बेतहाशा भीड़ बढ़ने को लेकर चिकित्सक खासे चिंतित हैं। उन्होंने अगले दो महीने बेहद संवेदनशील बताए हैं। कहा, अभी सतर्कता न बरती तो आठ माह पुराने जख्मों की पीड़ा फिर सहनी पड़ सकती है।
मार्च में पांच से छह गुना बढ़ा संक्रमण
पिछले साल हालात इस कदर बेेकाबू हुए थे कि खुद मुख्यमंत्री को बरेली आना पड़ा था। पिछले माह में स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें तो 20 फरवरी से पहले संक्रमितों की तादाद प्रतिदिन दो से ढाई हजार सैंपल की जांच होने पर सिर्फ एक, दो रहती थी लेकिन अब इसके सापेक्ष औसतन संक्रमित की दर प्रतिदिन आठ से दस दर्ज हो रही है। करीब पांच से छह गुना तक आंकड़ों में बढ़त ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को बेचैन कर दिया है। काफी समय खाली पड़े रहे कोविड चिकित्सालय में अब आठ संक्रमित भर्ती हैं।
कोविड प्रोटोकॉल ही बचाव का विकल्प
फिजीशियन डॉ. सुदीप सरन ने दो गज की दूरी, मास्क और लगातार हाथ धोने या सैनिटाइज करने को ही कोरोना से बचाव का विकल्प बताया है। उन्होंने लोगों से बेवजह घर से निकलने पर दो-तीन माह तक परहेज करने को कहा है। ताकि संक्रमण का फैलाव न हो सके। बताया कि मौसम बदल रहा है ऐसी स्थिति में इम्युनिटी पहले से ही कमजोर है। अगर कोरोना का हमला हुआ तो गंभीर रूप से बीमार होने पर स्थिति घातक हो सकती है। लोगों से अपील है कि वे कोरोना को हल्के में न लें बल्कि इससे खुद को और परिवार को बचाएं। कुछ दिन की एहतियात कठिन दौर से बचा सकती है।
कोरोना के मामले बरेली में भी बढ़े हैं लेकिन लोग संभल जाएं तो इस पर काबू कर सकते हैं। जो लोग संवेदनशील राज्यों से आ रहे हैं वे खुद को क्वारंटीन करें और कोरोना के लक्षण दिखें तो जांच कराएं। - डॉ. सुधीर गर्ग, सीएमओ