बरेली। चित्रकार एमए जावेद अंसारी को बच्चों की फीस भरने के लिए किडनी बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्कूल प्रबंधन की ओर से डीआईओएस को पत्र लिखकर आश्वस्त किया गया है कि उसकी ओर से जावेद को पूरा सहयोग किया जाएगा और उनके दोनों बच्चों की ऑनलाइन क्लास जारी रहेगी।
कोरोना के दौर में तंगी के हालात से गुजर रहे जावेद ने जिंगल वेल्स स्कूल में पढ़ रहे अपने दो बच्चों की फीस भरने के लिए डीएम से किडनी बेचने की अनुमति मांगी थी। सोमवार को स्कूल की प्रिंसिपल मीना भाकुनी ने डीआईओएस को पत्र भेजकर डीआईओएस को बताया कि जावेद के दोनों बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं की गई है। उनकी ऑनलाइन क्लास जारी है। जावेद के बच्चे स्कूल में कई सालों से पढ़ रहे हैं। कुछ सालों से उनके बच्चों की फीस अक्सर देर से जमा हो रही है। इस सत्र की फीस भी जमा नहीं है। इसके बाद भी स्कूल उनकी पूरी मदद कर रहा है। आगे भी फीस की वजह से बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।