बार्डर क्रास करने की कोशिश लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
दूसरे जिलों में जाने पर रहेगी पाबंदी, 24 घंटे के अंदर वापस लौटना भी होगा
बहेड़ी। खेती-किसानी या नौकरी के लिए यूपी और उत्तराखंड के बीच रोज आवाजाही करने वालों को राहत दी गई है। उत्तराखंड प्रशासन ने बहेड़ी सीमा को सोमवार शाम चार बजे से बाइक पर आने-जाने वालों के लिए खोल दिया है। अब सीमा पर उनके ई-पास चेक नहीं किए जाएंगे। हालांकि उन्हें 24 घंटों के अंदर वापस लौटना होगा, साथ ही दूसरे वाहनों के लिए भी ई-पास की अनिवार्यता लागू रहेगी।
कोरोना का प्रकोप बढ़ने पर उत्तराखंड सरकार ने राज्य की सीमा सील कर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों का मार्च से ही ई-पास के बगैर प्रवेश निषेध कर दिया था जो अब तक जारी है। बीच-बीच में कुछ नियमों को शिथिल कर लोगों को कुछ राहत दी गई। कुछ समय पहले उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में प्रवेश करने के लिए तय की गई संख्या की सीमा खत्म कर दी थी लेकिन ई-पास की अनिवार्यता लागू रखी। सोमवार शाम चार बजे ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन ने यूपी के किसानों और सिडकुल में नौकरी करने जाने वालों की समस्या के मद्देनजर बाइक पर आने वालों को बगैर ई-पास प्रदेश में प्रवेश की अनुमति दे दी।
नई व्यवस्था के मुताबिक बाइक पर सवार दो लोग बगैर ई-पास के उत्तराखंड में प्रवेश कर सकेंगे लेकिन उन्हें 24 घंटे के अंदर लौटना होगा। इसके अलावा वे ऊधमसिंह नगर जिले के बाहर भी नहीं जा सकेंगे। दूसरे जिलों में जाने के लिए ई-पास अनिवार्य होगा। दूसरे वाहनों के लिए भी ई-पास की अनिवार्यता लागू रहेगी।
लिंक मार्ग पर डग्गामारों का कब्जा, किराया भी पूरे सौ रुपये
सीमा पर बंदिशों के बीच डग्गामार चालकों ने भी जुगाड़ का रास्ता तलाश लिया है। छूट का फायदा उठाते हुए सीमा के पास से रेलवे क्रासिंग के कच्चा रास्ते से उत्तराखंड की सीमा के गांव भंगा से किच्छा तक सवारियां ढो रहे हैं। भंगा गांव के कुछ दबंग लोग इन चालकों से सौ रुपये उनके प्रदेश में आने के वसूल रहे हैं। वहीं चालक भी बहेड़ी से किच्छा का किराया बीस रुपये से बढ़ाकर अब सौ रुपये वसूलने लगे हैं।
उच्चाधिकारियों के आदेश पर बाइक सवारों को सोमवार शाम से छूट दी गई है। यह एक ट्रायल भी है, अगर ऊधमसिंह नगर में कोरोना केस बढ़े तो यह व्यवस्था बंद भी की जा सकती है। - विनोद जोशी, इंस्पेक्टर थाना पुलभट्टा