झारखंड के बोकारो की रहने वाली तलाकशुदा जमीला खातून को बरेली में नई पहचान मिली है। यहां वह धर्म परिवर्तन कर पहले जमीला से ज्योति बनीं और फिर प्रेमी प्रकाश से शादी रचा ली। शहर के अगस्त्य मुनि आश्रम में आचार्य केके शंखधार ने प्रेमी युगल का विवाह कराया और नव दंपती को आशीर्वाद दिया।
जमीला ने केके शंखधार को बताया कि उनके पिता का नाम आबिद अंसारी है। वह बचपन से ही भगवान शिव की पूजा परिजनों से छिपकर करती थीं। परिवार ने उसका निकाह करा दिया। बुरका व पर्दे में उनका दम घुटता था। शौहर से इसी बात पर अनबन होती थी। इसके बाद शौहर ने उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया।
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हजारीबाग का रहने वाला है प्रेमी
तलाक के बाद जमीला कुछ समय मायके में रहीं। फिर हजारीबाग जिले के निवासी प्रकाश रविदास के साथ उनका प्रेम-संबंध हो गया। दोनों ने हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह करने का निर्णय लिया। किसी से अगस्त्य मुनि आश्रम के बारे में जानकारी मिली और दोनों शादी करने के लिए बरेली चले आए।
आचार्य केके शंखधार ने बताया कि पहले जमीला खातून का धर्म परिवर्तन कराया गया। उसका नया नाम ज्योति देवी रखा गया है। फिर ज्योति और प्रकाश का विवाह संपन्न कराया गया। आचार्य ने बताया कि दोनों ही बालिग हैं। विवाह के बाद प्रकाश के साथ ज्योति अपनी ससुराल चली गई है।