पिंजरे में रखें मादा पशु, गंध सूंघकर आएगा भेड़िया
वैज्ञानिकों के अनुसार भेड़िये को पकड़ने के लिए संबंधित क्षेत्र में आईआर (इंफ्रा रेड) ट्रैप कैमरे लगाए जाएं। पिंजरे में पड्डे या अन्य किसी पशु के बजाय गर्भवती मादा पशु को रखा जाए। उसकी गंध सूंघकर भेड़िया उसके पास जल्दी पहुंचेगा। आबादी में ‘जागते रहो’ की गूंज हो।
प्राकृतिक आवास छिनना भी हमले की वजह
डॉ. पावड़े ने घटते वन क्षेत्र, बाघों की बढ़ती तादाद को भी भेड़ियों के आक्रामक होने की वजह बताई। कहा कि प्राकृतिक आवास के साथ बाघों ने उनका शिकार भी छीन लिया। खुद शिकार न बन जाएं, इसलिए भेड़िये जंगल के बाहर निकल रहे हैं। वहां उनका सामना भेड़, बकरियों व मनुष्यों से हो रहा है। भेड़, बकरियों को आहार बनाकर ये अपनी भूख मिटा रहे हैं। वहीं, खतरे का अहसास होने पर वे मनुष्यों पर हमला कर रहे हैं।