बरेली। अधूरे शुरू हुए आईवीआरआई अंडरपास की डिजाइन को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। रेलवे की पुलिया के नीचे नैनीताल रोड तक 90 डिग्री का खतरनाक मोड़ बना दिया गया है। चूंकि इस अंडरपास की चौड़ाई भी महज छह से सात मीटर ही चौड़ी है। खतरनाक मोड़ पर सामने से पैदल राहगीरों और वाहनों को दूर तक सही से दिखाई नहीं दे रहा है। इससे यहां आमने-सामने की टक्कर का खतरा बना है। इंजीनियरों का भी कहना है कि अंडरपास पर इतना मोड़ नहीं देना होना चाहिए था।
करीब 11 करोड़ की लागत से 320 मीटर लंबे इस अंडरपास को रेलवे के अधिकारी बनवा रहे हैं। अभी रेलवे अस्पताल की तरफ से नैनीताल रोड तक एक साइड के अंडरपास निर्माण को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि विधायक डॉ. अरुण कुमार सोमवार को इस अधूरे अंडरपास का उद्घाटन भी कर चुके हैं। इस अंडरपास को लेकर अब ये दिक्कत महसूस की जा रही है कि रेलवे की पुलिया से नैनीताल रोड की तरफ आने पर अंडरपास के अंदर करीब सौ मीटर का लंबा खतरनाक मोड़ बनाया गया है। यह मोड़ इतना खतरनाक हो गया है कि सामने दो से तीन मीटर से ज्यादा की दूरी नहीं दिखाई दे रही। चूंकि अंडरपास की चौड़ाई भी कम है। इसलिए यहां दूर तक न दिखाई देने से वाहनों के टकराने का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि नैनीताल रोड की जगह की कमी से ऐसा किया गया है।
अंडरपास को जोड़ने वाली एप्रोच रोड की चौड़ाई भी काफी कम
आईवीआरआई रोड पर अंडरपास को जोड़ने वाली एप्रोच रोड की चौड़ाई भी काफी कम है। आगे ओवरब्रिज के किनारे सर्विस रोड बमुश्किल पांच मीटर भी नहीं है। ऐसे में अंडरपास से ऊपर आने वाले दोपहिया वाहनों को निकलने में दिक्कत आएगी। इससे जाम की समस्या भी बढ़ेगी। बताते हैं कि आईवीआरआई रोड पर फ्लाईओवर फोरलेन की जगह थ्रीलेन भी बनाते तो सर्विस लेन की चौड़ाई को लेकर दिक्कत नहीं पैदा होती।