बरेली। आईएमए अध्यक्ष पद के लिए रविवार को हुए चुनाव पर हल्ला तो खूब कटा लेकिन परिणाम आखिरकार वही रहा। रविवार को विजयी घोषित किए गए डॉ. मनोज अग्रवाल के प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी डॉ. डीपी गंगवार के आपत्ति करने के साथ दोबारा मतगणना की मांग पर इलेक्शन कमेटी ने तीन दिन बाद बुधवार रात को रीकाउटिंग कराई, लेकिन इसमें भी डॉ. मनोज के डॉ. गंगवार से 15 वोट ज्यादा निकले। इसके बाद डॉ. डीपी गंगवार ने अपनी हार स्वीकार करते हुए चुनाव परिणाम पर सहमति दे दी। इसके साथ विवाद का भी पटाक्षेप हो गया। अब डॉ. मनोज अग्रवाल 2020-21 के आईएमए अध्यक्ष होंगे।
रविवार को हुए चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी डॉ. डीपी गंगवार हार गए थे, लेकिन उपाध्यक्ष पद के वोटों की गिनती में गड़बड़ी की खबर मिलने के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद के वोटों की भी दोबारा गणना किए जाने की मांग की थी। उन्होंने रविवार रात को ही इलेक्शन कमेटी को पत्र दिया लेकिन इलेक्शन कमेटी ने उसे तीन दिन के लिए टाल दिया। इस बीच डॉ. गंगवार ने दोबारा मतगणना न होने पर कोर्ट जाने की धमकी तक दे दी। बुधवार को इलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष डॉ. पवन अग्रवाल ने कमेटी के सदस्य डॉ. जेके भाटिया, डॉ. सत्येंद्र सिहं, डॉ. विपुल कुमार, डॉ. अंशु अग्रवाल और डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी के साथ आईएमए हॉल में बैठक की जिसमें सर्वसम्मति से रिकाउंटिंग का फैसला लिया गया। इसके बाद डॉ. डीपी गंगवार और तीसरे प्रत्याशी डॉ. राजीव अग्रवाल को बुलाकर दोबारा मतगणना कराई। एक घंटे तक वोटों की गिनती के बाद दोबारा डॉ. मनोज अग्रवाल को विजयी घोषित किया गया। डॉ. पवन के मुताबिक डॉ. मनोज को 221, डॉ. डीपी गंगवार को 206 और डॉ. राजीव को 166 वोट मिले। यही संख्या 29 सितंबर को भी थी। इसके बाद सभी ने डॉ. मनोज अग्रवाल को बधाई दी।
डॉ. डीपी गंगवार रिकाउंटिंग से संतुष्ट हैं। उन्होंने सहमति पत्र पर भी दिया है। अब आईएमए में कोई विवाद नहीं है। - डॉ. पवन अग्रवाल, अध्यक्ष, चुनाव समिति
अब कोई शिकायत नहीं है, पहले वाली सभी बातें भूल चुका हूं। आईएमए एक परिवार है, जो मतभेद थे वे सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपट गए हैं। -डॉ. डीपी गंगवार