बरेली। 11 बार दंडात्मक कार्रवाई के बाद भी कार्यशैली में सुधार न होने पर पुलिस लाइन में तैनात दरोगा इशरत अली खां को समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिया गया है। बार-बार कार्रवाई और तीन बार वेतन रोके जाने के बाद भी वह अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करता रहा।
शीशगढ़ थाने में तैनाती के दौरान दरोगा इशरत को नौ दिसंबर 2024 को लाइन हाजिर कर दिया गया था। 31 मार्च 2024 को वह 50 साल की उम्र पूरी कर चुका है। शासनादेश के मुताबिक, 50 साल की उम्र पूरी कर चुके लापरवाह कर्मचारियों को चिह्नित कर अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किए जाने का प्रावधान है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने इशरत की उम्र, ड्यूटी में लापरवाही और कार्रवाई के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट पर एसएसपी ने उसकी सेवानिवृत्ति की संस्तुति कर दी, जिसे अपर पुलिस महानिदेशक (स्थापना) ने मंजूरी दे दी। इसके बाद आईजी राकेश सिंह ने आदेश जारी कर दिया और बृहस्पतिवार को उसे सेवानिवृत्त कर दिया गया। संवाद