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डीएम से बोल उद्योग बंधु समस्या यह है कि कोई सुनता ही नही

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कलक्ट्रेट में उद्योग बंधु की बैठक करते डीएम।
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बरेली। उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने पहली बार डीएम के सामने खुलकर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने बैठक के औचित्य पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा कि सालों से लगातार जो समस्याएं उठाते आ रहे हैं, उनमें से एक का भी अब तक निस्तारण नहीं हो पाया है। उद्यमियों ने डीएम से कहा, बरसों से यह सिलसिला बना हुआ है कि उनकी तरफ से निर्देश जारी कर दिए जाते हैं लेकिन सिस्टम कुछ करके देता ही नहीं है।
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कलक्ट्रेट सभागार में डीएम नितीश कुमार की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु की बैठक शुरू होते ही उद्यमियों ने शहर भर में उखड़ी पड़ीं सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा, सड़कों की बुरी हालत की वजह से पूरे शहर में पूरे दिन जाम लगा रहता है। यह समस्या सिर्फ आम लोगों की नहीं, उद्यमियों और व्यापारियों की भी है। दो साल से यही दुर्दशा झेल रहे हैं, सबसे पहले इसी का निदान होना चाहिए। उद्यमियों ने घटिया निर्माण कार्यों की शिकायत करते हुए कहा कि ईसाईयों की पुलिया से चौकी चौराहे तक बनाई गई नई सड़क जगह-जगह बैठ गई है।
बैठक में कुल मिलाकर 13 बिंदुओं पर चर्चा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। हालांकि उद्यमियों ने कहा कि हर महीने बैठक होने के बावजूद समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पाता है। उद्यमी कारण पूछते हैं तो विभागों के अधिकारी तमाम बहाने पेश कर देते हैं।
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बीडीए ने ऐसा पेच फंसाया है कि उसकी
सीमा के बाहर लगानी पड़ती हैं फैक्टरी
नए मास्टर प्लान पर अब तक बैठक न करने पर भी खफा हुए उद्यमी
उद्यमियों ने बैठक में कहा कि बरेली विकास प्राधिकरण नया मास्टर प्लान ला रहा है लेकिन अब तक उद्यमियों के साथ इस पर कोई बैठक नहीं की गई है। पिछली बार जब मास्टर प्लान आया तो उसमें फैक्टरियों की जमीन को एग्रीकल्चर लैंड की सूची में डाल दिया गया था। इस वजह से अब तक फैैक्टरी मालिकों को कोई भी नया निर्माण कराने पर कई अनावश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। बीडीए की अनुमति भी जरूरी होती है। इसी कारण कुछ फैक्टरी मालिकों ने नई फैक्टरियां बीडीए की सीमा से बाहर लगाई हैं। अब नए मास्टर प्लान में सीमा और बढ़ाई जा रही है। ऐसे में फिर उद्यमियों की दिक्कतें बढ़ेंगी। उद्यमियों ने कहा कि जहां फैक्टरी पहले से चल रही है उस भूमि को व्यावसायिक ही माना जाए। डीएम ने कहा इसे लेकर बीडीए के साथ जल्द उद्यमियों की बैठक कराई जाएगी।
नाराजगी...
परसाखेड़ा में न सड़कें सलामत
न नाले, स्ट्रीट लाइटें भी नहीं
बैठक में परसाखेड़ा में सड़कों के चौड़ीकरण और जलभराव से मुक्ति दिलाने, मुख्य नाला निर्माण के लिए वन विभाग से एनओसी लेने, भोजीपुरा में पीएनसी के नाला निर्माण अधूरा छोड़ देने, सुपीरियर इंडस्ट्रीज सीबीगंज में फैक्टरी के गेट के सामने स्थित ढांचों को हटाने, रिछा जहानाबाद में सड़क निर्माण, औद्योगिक क्षेत्र में शौचालय निर्माण और खराब हो चुकी स्ट्रीट लाइटों को सुधरवाने, जहानाबाद में सड़क के दोनों इंटरलॉकिंग कराने, सीबीगंज में होटल निर्माण में पेड़ हटाने की वन विभाग से एनओसी दिलाने आदि बिंदुओं पर चर्चा की गई।
समस्याएं बहुत हैं पर
समाधान नहीं होता
फै क्टरियों को जाने वाले रास्ते पर जलभराव और फैक्टरी में बिजली की समस्याओं को बैठक में प्रमुखता से रखा। ये समस्याएं प्रमुख हैं और हर बैठक में इन्हें रखा जाता है, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। - रितेश मोहन गुप्ता, सचिव, डिस्ट्रिक्ट बरेली एसोसिएशन
बैठक हर माह होती है। हर बैठक में लगभग वहीं समस्याएं अधिकारियों के सामने रखी जाती हैं। आश्वासन मिलते हैं लेकिन निदान नहीं मिल पा रहा है। डीएम समस्याओं के निस्तारण के निर्देश देते हैं लेकिन अधिकारी निदान न होने पर तमाम दलीलें देते हैं। - नीरज गोयल, आईआईए, अध्यक्ष
भोजीपुरा में पीएनसी ने नाला निर्माण ही नहीं किया है। इससे फैक्टरियों से निकलने वाला पानी आगे ही नहीं बढ़ पा रहा है। बरसात में तो समस्या इतनी विकट हो गई कि खुद ही पानी निकलवाना पड़ा। यह समस्या कई बार उठा चुके हैं। - अजय शुक्ल, अध्यक्ष, भोजीपुरा इंडस्ट्री एसोसिएशन
नया मास्टर प्लान बन रहा है। अभी तक उद्यमियों के साथ कोई बैठक नहीं हुई है। इससे पहले जब मास्टर प्लान बना तो उससे हुई दिक्कतें आज तक उद्यमी भुगत रहे हैं। अब आगे फिर इस तरह की दिक्कतें न हों, इसकी मांग की है। - अभिनव अग्रवाल, उद्यमी
उद्यमियों की वही समस्याएं हैं... शहर की सड़कें अच्छी हों और फैक्टरी तक जाने वाली सड़केें ठीक हों, जलभराव से मुक्ति मिल सके और बिजली की समस्याएं न हों। यही प्रमुख समस्याएं रहती हैं और हर बैठक में इन्हें उठाया जाता है, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा है। - सुरेश सुंदरानी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईआईए
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