पुलिस से नहीं की गई शिकायत
सूचना पर आईओसी के सेल्स मैनेजर स्वप्निल कुमार मौके पर पहुंचे। शाम सात बजे तक उनकी रोडवेज के अधिकारियों से वार्ता होती रही। बाद में दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बनी कि आईओसी दूसरा डीजल टैंकर भेजेगा। उसके बाद इस डीजल टैंकर को वापस मंगा लिया जाएगा। रोडवेज या आईओसी के अधिकारियों की ओर से पुलिस में कोई शिकायत नहीं की गई है।
चालक बोले- घटिया डीजल खराब हो रहे बसों के इंजन
बरेली डिपो के चालकों को जब डीजल में मिलावट की जानकारी हुई तो उन्होंने भी रोष जताया। कहा कि डीजल औसत को लेकर उन पर दबाव बनाया जाता है। मिलावटखोरी व घटतौली से बसों का डीजल औसत बिगड़ रहा है। इंजन भी जल्दी खराब हो रहे हैं। डीजल औसत खराब होने पर अधिकारी चालकों से रिकवरी करते हैं, वहीं मिलावटखोरी और घटतौली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। वर्कशॉप पहुंचे रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने मामले की जांच की मांग की।
बरेली डिपो के एआरएम संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि आईओसी से आए टैंकर में भरे डीजल की गुणवत्ता जांच के दौरान खराब पाई गई। टैंकर को अनलोड नहीं कराया गया। आईओसी के सेल्स मैनेजर ने इसके बदले दूसरा डीजल टैंकर भेजने की बात कही है। दूसरा टैंकर आने तक यह टैंकर वर्कशॉप में खड़ा करा लिया गया है।