बरेली। वातानुकूलित सुविधा, कम किराया और आरामदायक सफर के बावजूद शहर की ई-बसें अपेक्षा के अनुरूप सवारियां नहीं जुटा पा रही हैं। इसकी बड़ी वजह बस स्टॉप पर ऑटो चालकों का कब्जा है। शहर में 25 ई-बसों के संचालन के लिए 30 बस स्टॉप बनाए गए हैं, लेकिन ज्यादातर पर ऑटो खड़े रहने से बसों को निर्धारित स्थान पर रुकने की जगह नहीं मिलती। नतीजतन यात्री, खासकर दफ्तर और कॉलेज जाने वाले लोग बस का इंतजार छोड़ ऑटो से सफर करने को मजबूर हैं।
मंगलवार को संवाद न्यूज की पड़ताल में डेलापीर चौराहे पर बस स्टॉप के सामने ऑटो और ई-रिक्शे खड़े नजर आए। ईसाइयों की पुलिया स्थित बस स्टॉप पर ऑटो चालकों का जमावड़ा लगा था। इसके चलते यात्री बस तक नहीं पहुंच सके और ई-बस निर्धारित समय पर आगे बढ़ गई। यही स्थिति पीलीभीत बाइपास पर भी देखने को मिली, जहां ई-बसों में कई सीटें खाली नजर आईं।
परिचालकों का कहना है कि बस स्टॉप पर ऑटो खड़े रहने से बस को निर्धारित स्थान पर रोकना मुश्किल हो जाता है। परिचालक रमेश ने बताया कि अक्सर बस रुकने से पहले ही आस-पास ऑटो और ई रिक्शा लहराने लगते हैं। ऐसे में कई यात्री बस तक पहुंचने से पहले ही ऑटो में बैठकर निकल जाते हैं।
एप की जानकारी नहीं, बढ़ता जा रहा इंतजार
ई-बसों की लाइव लोकेशन और आगमन का समय ई सिटी बस एप पर देखा जा सकता है। जीपीएस के माध्यम से बस किस स्थान पर है और स्टॉप तक पहुंचने में कितना समय लगेगा, इसकी जानकारी मिलती रहती है। बड़ी संख्या में यात्रियों को इस एप की जानकारी ही नहीं है। मंगलवार को सेटेलाइट पर खड़े यात्रियों से एप के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। कुछ लोगों ने एप सही तरीके से न चलने की बात कही।
बस स्टॉप पर लगेंगे साइन बोर्ड
नगरीय बस सेवा की प्रबंधक संचालिका मनीषा दीक्षित ने बताया कि बस स्टॉप पर ऑटो चालकों की मनमानी से ई-बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है और यात्रियों को भी असुविधा हो रही है। इस संबंध में नगर आयुक्त को शिकायत भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर अभी तक बस स्टॉप विकसित नहीं हो सके हैं, वहां यात्रियों की सुविधा के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा बसों में सुझाव पेटिका और शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी नगर आयुक्त को भेजा गया है।
बस आने का समय निर्धारित होना जरूरी
मैं सिटी सब्जी मंडी स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ाती हूं। मुझे रोज पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। सिटी बस में सुविधा और सुरक्षा दोनों ही हैं लेकिन उसका समय निर्धारित नहीं रहता। इसीलिए ऑटो से सफर करने को तरजीह देती हूं। - भावना अग्रवाल, ईसाइयों की पुलिया
मैं एक स्कूल में पढ़ने जाती हूं। गर्मी में वातानुकूलित सिटी बस बहुत अच्छी सुविधा है। लड़कियों की सुरक्षा के लिए कैमरे भी लगे हैं, लेकिन कचहरी रोड पर जाम लगने के कारण कई बार बस तक पहुंचने में समय लग जाता है और बस छूट जाती है। प्रीति, सिविल लाइंस