बरेली। सथरापुर स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। आईआईटी रुड़की की टीम प्लांट से निकलने वाली हवा की गुणवत्ता और उसमें बैक्टीरिया की मौजूदगी की जांच करेगी। टीम आसपास के वातावरण के नमूने लेकर उनका परीक्षण करेगी।
यह जांच कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया का आसपास की हवा पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेगी। नगर निगम 27 करोड़ रुपये की लागत से 500 टन क्षमता के इस प्लांट का संचालन पाथ्या कंपनी के माध्यम से कर रहा है। यहां प्रतिदिन शहर से एकत्र होने वाले कूड़े का निस्तारण किया जाता है। प्लांट में गीले व सूखे कूड़े के पृथक्करण के साथ वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की व्यवस्था है। आईआईटी रुड़की की जांच से हवा में बैक्टीरिया की स्थिति और संभावित प्रदूषण का आकलन करने में मदद मिलेगी। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर प्लांट के आसपास की पर्यावरणीय स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
नगर निगम स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी प्लांट का भ्रमण कराएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता, कूड़ा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि घरों से निकलने वाला कूड़ा कैसे एकत्र होता है। उन्हें प्लांट में कूड़े के पृथक्करण व निस्तारण की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी।