आईजी ने एसपी को कटरा के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र गुप्ता, उनकी टीम के दरोगा तैय्यब अली व संबंधित टीम के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत है, जिसके आधार पर इन लोगों के खिलाफ आगे कार्रवाई की जा सके। इसलिए वह मामले की जांच एसपी सिटी बरेली को सौंप रहे हैं।
ये था मामला
मंगलवार को कटरा पुलिस एक आरोपी को हथकड़ी पहनाकर फरीदपुर लाई और वहां एक प्रतिष्ठित होटल पर पहुंची थी। वहां लस्सी पीने के बाद आरोपी से होटल मालिक के बेटे की बात कराई और होटल की रैक से स्मैक बरामद कर मालिक के बेटे को भी साथ ले गई। इसके बाद उसकी मदद से व्हाट्सएप कॉल करके दो अन्य स्मैक तस्करों को पकड़ लिया। देर रात लाखों की डील के बाद होटल मालिक के बेटे को छोड़ दिया था।
एसपी के अवकाश पर रहते किया कारनामा
कटरा थाने के चर्चित पुलिसकर्मियों ने अपना कारनामा करने के लिए ऐसा वक्त चुना जब शाहजहांपुर के एसपी अवकाश पर थे। एसपी रात को पहुंचे तो टीम ने उन्हें गुडवर्क की अधूरी कहानी सुना दी और उनसे ही खुलासा करा दिया। अब सच्चाई पता चलने पर एसपी भी हैरत में हैं और बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। इस मामले में शाहजहांपुर के ही एक और पुलिस अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। जांच में वह भी लपेटे में आ सकते हैं।
आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि फरीदपुर क्षेत्र के तस्करों के खिलाफ कटरा पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे थे, इसलिए एसपी सिटी बरेली को जांच सौंपी है। इस मामले में प्राथमिक तौर पर दोषी लग रहे इंस्पेक्टर व अन्य के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश एसपी शाहजहांपुर को दिया है।