जीवाणु जिनमें विकसित हो चुका है रेसिस्टेंस
स्टेफिलोकोक्कस, क्लेब्सिएला, एसिनोबेक्टर, सुडोमोनाश, ईकोलाई, स्ट्रैप्टॉकोक्स आदि ऐसे बैक्टीरिया हैं, जिनमें रेसिस्टेंस (प्रतिरोधक) विकसित हो चुका है। आमतौर पर सर्वाधिक आबादी इन्हीं जीवाणुओं की चपेट में रहती है।
जैव सुरक्षा अपनाकर मुर्गे-मुर्गियों को बीमार होने से बचाएं
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. जयदीप रोकड़े के मुताबिक दवा के प्रयोग के बजाय कुक्कुट को बीमारी से बचाना ज्यादा जरूरी है। फार्म में आवाजाही, खानपान, वाहन आदि का प्रवेश आदि सीमित कर संक्रमण की आशंका को कम कर सकते हैं।
इसके बाद भी अगर कुक्कुट बीमार हो जाते हैं तो बाजार में प्रीबायोटिक, पोस्ट बायोटिक, प्रोबायोटिक, एंजाइम्स आदि दिए जा सकते हैं। बताया कि जिंक नैनो हर्बल पार्टिकल भी कुक्कुट की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है। पोल्ट्री किसानों से अपील है कि वे कुक्कुट को एंटीबायोटिक दवाएं कतई न दें।