बरेली। जनप्रतिनिधियों से परामर्श के बाद पीडब्ल्यूडी ने साल 2025-26 के लिए 2590 करोड़ रुपये की लागत की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया है। अगर यह बजट आवंटित हो जाए तो अभियंता 1392 किलोमीटर सड़कें बनाएंगे। प्रस्तावित कार्ययोजना में सड़कों के साथ छोटे-बड़े 74 पुल भी शामिल हैं।
बीते साल 1725 करोड़ की कार्ययोजना थी और 225 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। इसलिए 1500 करोड़ रुपये की लागत के काम एक बार फिर नई कार्ययोजना में शामिल किए गए। इस बार कितना बजट आवंटित होगा यह तय नहीं है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता भगत सिंह ने बताया कि कार्ययोजना में शामिल कार्य जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता पर होंगे।
सिक्स लेन के लिए दो साल इंतजार कराया...नई कार्ययोजना में फिर शामिल
सेटेलाइट बस अड्डे से बैरियर टू तक 7.7 किलोमीटर हिस्से में सड़क को सिक्सलेन करने के लिए 216 करोड़ रुपये की लागत का एस्टीमेट बनाकर कार्ययोजना में एक बार फिर शामिल किया गया है। अब जिलाधिकारी से अनुमोदन के साथ शासन को भेजा जाएगा। शासन बजट आवंटित करेगा तब तब काम धरातल पर उतरेंगे। सेटेलाइट से बड़ा बाइपास तक कुल 11 किलोमीटर का मार्ग है। बैरियर टू से बड़ा बाइपास तक बरेली विकास प्राधिकरण टू लेन से सिक्सलेन कर रहा है। दूसरे हिस्से में बैरियर टू से लेकर सेटेलाइट तक टू से फोरलेन का कार्य लोक निर्माण विभाग ने कार्ययोजना में शामिल किया है।
बहेड़ी से रुद्रपुर की सड़क टू लेन से होगी फोरलेन
बहेड़ी से रुद्रपुर तक 16.5 किलोमीटर लंबे मार्ग सात से दस मीटर चौड़ा किया जाएगा। सड़क पर 108 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सड़क बहेड़ी से रुद्रपुर की सीमा तक जाएगी। आंवला से बिसौली और वजीरगंज के मार्गों को 3.75 मीटर से 5.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा।
कार्ययोजना में शामिल होने के बाद भी नहीं बनी सड़कें
बहेड़ी से बाहपुर नदेली के लिए 16.8 किलोमीटर सड़क को 3.75 से 5.5 मीटर चौड़ा करने के लिए 46 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बना था लेकिन मंजूरी वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन मिली। नतीजा न टेंडर हो सके और न ही सड़क का चौड़ीकरण। अब इसे फिर से कार्ययोजना का हिस्सा बनाया गया है। मीरगंज से सिरौली मार्ग कार्ययोजना में शामिल होने के बाद भी नहीं बना।
कार्ययोजना में शामिल हैं यह कार्य
705 ग्रामीण मार्गों के नवनिर्माण के लिए 780 करोड़।
21 ग्रामीण मार्गों का पुन: निर्माण के लिए 247 करोड़।
38 संपर्क मार्गों के लिए 244 करोड़।
31 मार्गों को गन्ना किसानों की जरूरत के अनुरूप बनाने पर 1431 करोड़।
20 मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 883 करोड़।
95 क्षतिग्रस्त मार्गों को ठीक करने के लिए 710 करोड़।
74 छोटे-बड़े पुल बनाने पर 740 करोड़।
ब्यूरो