तीन सौ बेड कोविड अस्पताल में कोरोना सैंपल को जूतों से रौंदकर नष्ट करने का मामला
एडीएम सिटी और सीएमओ पहुंचे चिकित्सालय, पूर्व सीएमएस से हुई पूछताछ
बरेली। तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय में कोरोना संदिग्धों के हजारों सैंपल को पांव से कुचलकर नष्ट करने का वीडियो वायरल होने के मामले का संज्ञान लेकर शासन ने जांच शुरू करा दी है। जिला प्रशासन को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस पर एडीएम (सिटी) आरडी पांडेय बुधवार को सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह के साथ अस्पताल पहुंचे और पूर्व सीएमएस समेत अन्य कर्मचारियों के बयान लिए। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
तीन सौ बेड कोविड अस्पताल में संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल की जांच कराने के बजाय उन्हें स्टोर रूम में रखकर बर्बाद करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मंगलवार को वायरल हुए एक वीडियो ने विभाग की कोरोना संक्रमण के रोकथाम के दावों की पोल खोल दी। 17 और 26 नवंबर को स्टोर रूम में रखे हजारों सैंपल को जूतों से रौंदकर नष्ट करने का वीडियो वायरल हुआ। इसमें कोरोना नियंत्रित करने की जिम्मेदारी संभाल रहे अफसर ही दिखाई दे रहे हैं। प्रकरण सुर्खियां बना तो शासन गंभीर हो गया। प्रशासनिक निदेशक ने जिला प्रशासन से प्रकरण की रिपोर्ट कार्रवाई की संस्तुति के साथ प्रेषित करने को कहा है।
डीएम मानवेंद्र सिंह के निर्देश पर एडीएम (सिटी) बुधवार दोपहर डेढ़ बजे सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह के साथ कोविड चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने पूर्व सीएमएस डॉ. सतीश चंद्रा समेत अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की। डॉ. चंद्रा से उन्होंने प्रकरण पर लिखित जवाब लिया है। डॉ. चंद्रा ने एडीएम सिटी से सैंपल तोड़े जाने के दौरान एडी हेल्थ के अलावा डॉ. अखिलेश्वर, डॉ. सीपी सिंह, डॉ. पवन कपाही के मौजूद रहने की कही।
बृहस्पतिवार को सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट
एडीएम सिटी आरडी पांडेय ने बताया कि बयानों के आधार पर प्रकरण में संदिग्ध अफसरों से भी पूछताछ की जाएगी। इसके बाद बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट पूर्व में सैंपल की जांच न कराए जाने, उन्हें फेंकने और अब वायरल वीडियो से संबंधित होगी। जो भी दोषी मिलेगा उनके खिलाफ शासन स्तर से कड़ी कार्रवाई की संस्तुति होगी। ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।
विभाग के खिलाफ साजिशन की जा रही : सीएमओ
प्रकरण पर सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने इसे साजिश बताया। कहा, सैंपल कलेक्शन, कन्साइनमेंट बनाकर जांच कराने और रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट करने की निर्धारित प्रक्रिया है। जिन लोगों को यह प्रभार सौंपा गया है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे दायित्वों का ठीक से निर्वहन करें। मगर, इससे इतर जो प्रकरण सामने आ रहे हैं, उससे प्रतीत हो रहा है कि यह विभाग के खिलाफ साजिश है।