बरेली। गर्भवती भाभी के साथ मारपीट करने के आरोपी के बजाय फरीदपुर पुलिस ने उसके भाई का ही शांति भंग करने के आरोप में चालान कर दिया। पुलिस की ज्यादती के खिलाफ पीड़ित युवक गर्भवती पत्नी के साथ सोमवार देर शाम एडीजी कार्यालय पहुंचा। एडीजी ने फरीदपुर पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
फरीदपुर इलाके में रहने वाले युवक के मुताबिक 15 जून को उसके भाई ने उसकी नौ माह की गर्भवती पत्नी के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। इसका विरोध करने पर उसने उसकी पत्नी के पेट पर लात मार दी। उसकी मां ने किसी तरह उसके आगे हाथ-पैर जोड़कर उसकी पत्नी को बचाया। वह घर लौटा तो पत्नी दर्द से तड़पते पाया। उसने डायल-112 को सूचना दी तो पुलिस उसके भाई के साथ उसे भी थाने ले गई।
पीड़ित का आरोप है कि भाई पर कार्रवाई करने के बजाय दरोगा ने गालीगलौज कर उसे ही हवालात में डाल दिया और अगले दिन शांति भंग करने के आरोप मे चालान कर दिया। दरोगा देवेंद्र कुमार ने उससे काफी बदसलूकी भी की। सोमवार देर शाम पीड़ित अपनी पत्नी को लेकर एडीजी से मिलने शहर पहुंचा लेकिन देर हो जाने की वजह से मुलाकात नहीं हो पाई तो कार्यालय के बाहर ही फुटपाथ पर बैठ गया। बाद में महिला थाने की पुलिस आकर दोनों को महिला थाने ले गई। एडीजी राजकुमार ने फरीदपुर पुलिस को निष्पक्ष जांच के आदेश दिए है।
पहले भी आरोपी को बचाता रहा है दरोगा
पीड़ित युवक का कहना है कि 25 दिसंबर 2020 को उसके भाई ने उस पर जानलेवा हमला किया था। इसकी उसने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरोगा देवेंद्र ने धारा 307 हटाकर चार्जशीट लगाई तो उसने आईजी से शिकायत की। इसी बात से दरोगा उससे खफा है।